सार
Jaipur : राजस्थान में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक “सहकार सप्ताह” मनाया जाएगा। इसमें नई ‘एचआर’ व ‘सहकार’ नीतियों का विमोचन, सदस्यता अभियान, डिजिटल बैंकिंग का विस्तार और पौधरोपण जैसी ऐतिहासिक पहल की जाएंगी।

विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क | 5 जून | राजस्थान में सहकारी आंदोलन को नई गति और मजबूती देने के उद्देश्य से 29 जून 2026 से 6 जुलाई 2026 तक “सहकार सप्ताह” का आयोजन किया जा रहा है। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के गठन के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले इस सप्ताह के दौरान सहकारिता के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक पहल की जाएगी | इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता नाबार्ड द्वारा तैयार ‘एचआर पॉलिसी’ और सहकारिता विभाग द्वारा तैयार ‘सहकार नीति’ का विमोचन होगा। इन दोनों नीतियों का अनावरण राज्य में सहकारी संस्थाओं के कामकाज में पारदर्शिता, दक्षता और व्यावसायिकता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये नीतियां न केवल सहकारी संस्थाओं के प्रबंधन को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि सहकारिता के माध्यम से आम नागरिकों की समृद्धि के मार्ग को और अधिक प्रशस्त करेंगी सहकार सप्ताह के दौरान 5 जून से सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, ई-पैक्स, ऑन-सिस्टम ऑडिट और डे-एण्ड की प्रक्रिया को शत-प्रतिशत करने के लिए तीन विशेष अभियान चलाए जाएंगे, जिन्हें चयनित होने पर राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सहकार जागृति अभियान के तहत ग्राम सेवा सहकारी समिति (जीएसएस) और दुग्ध उत्पादक समितियों के पदाधिकारियों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राज्य में डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डेयरी समितियों को बैंक मित्र बनाकर माइक्रो एटीएम वितरित किए जाएंगे और ‘भारत टैक्सी’ का प्रचार-प्रसार किया जाएगा | साथ ही, पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा देते हुए 4 जुलाई को ‘ग्रीन कोऑपरेटिव दिवस’ के रूप में मनाते हुए राज्य भर में लगभग 50 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, आकांक्षी जिलों में सहकार रथ, प्रभात फेरियां और रैलियों का आयोजन कर सहकारिता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा।
सफल आयोजन हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति

सहकारिता विभाग शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा निर्देश दिए हैं कि सहकार सप्ताह के दौरान आमसभाओं में ऑडिट रिपोर्ट का वाचन और सोशल ऑडिट अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए तथा इन सभी गतिविधियों के सफल आयोजन के लिए जिला और खंड स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। विभाग का प्रयास है कि इन पहलों के माध्यम से सहकारिता को “सहकार से समृद्धि” के मूल मंत्र के साथ जोड़कर राज्य के हर नागरिक तक पहुँचाया जा सके।


