Home जयपुर रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा के निर्देश: सहकारी बैंकों के FIG पोर्टल को किया जाएगा और अधिक डिजिटल

रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा के निर्देश: सहकारी बैंकों के FIG पोर्टल को किया जाएगा और अधिक डिजिटल

सार 

Jaipur : राजस्थान के सहकारिता विभाग की नई डिजिटल पहल के तहत पैक्स और डेयरी समितियों के व्यवस्थापक अब ग्रामीणों के घर जाकर बैंक खाते खोल सकेंगे और माइक्रो एटीएम से लेन-देन की सुविधा देंगे।

विस्तार 

जयपुर, 3 जून। राजस्थान के सहकारिता विभाग ने ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा ने जयपुर में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि सहकारी बैंकों द्वारा अपने एफआईजी (फाइनेंशियल इंक्लूजन गेटवे) पोर्टल पर एक विशेष डिजिटल व्यवस्था विकसित की जा रही है। इस एफआईजी आधारित तकनीक के माध्यम से अब ग्राम सेवा सहकारी समितियों (पैक्स) और प्राथमिक डेयरी समितियों के व्यवस्थापक खुद ग्रामीणों के घर या कार्यस्थल पर जाकर उनके नए बैंक खाते खोल सकेंगे और राशि का जमा संग्रहण भी कर सकेंगे।

इस नई डिजिटल पहल के क्रियान्वयन को गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इसके तहत आगामी 30 सितम्बर 2026 तक 5 हजार सहकारी समितियों को और 31 मार्च 2027 तक सभी 12 हजार सक्रिय प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को बैंक मित्र बनाकर माइक्रो एटीएम से लैस किया जाएगा। नाबार्ड की वित्तीय सहायता से मिलने वाले इन माइक्रो एटीएम और एफआईजी पोर्टल के समन्वय से ग्रामीण न केवल अपने खातों का बैलेंस जान सकेंगे, बल्कि वित्तीय लेन-देन, ऋण राशि की निकासी और लोन जमा करने जैसी जरूरी सुविधाएं अपने घर के पास ही पा सकेंगे। अब तक राज्य में लगभग 2 हजार 700 पैक्स और 557 प्राथमिक डेयरी समितियों को माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

इस एफआईजी आधारित डोर-स्टेप बैंकिंग सेवा से ग्रामीणों को अपनी जमा राशि बैंक में सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर सहकारी बैंकों की अमानतों में बढ़ोतरी होने से उनकी ऋण वितरण क्षमता का भी विकास होगा। इस व्यवस्था से पैक्स और डेयरी समितियों को जमा संग्रहण पर कमीशन के रूप में अतिरिक्त आय भी होगी, जिससे ये संस्थाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी। राज्य सरकार प्रत्येक ग्राम पंचायत में पैक्स स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है, जिसके तहत 11 हजार 70 ग्राम पंचायतों में से अब तक 9 हजार 500 से अधिक पंचायतों में पैक्स का गठन किया जा चुका है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल और तकनीकी रूप से सुदृढ़ यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को एक नई दिशा देगा और सहकारिता आंदोलन को मजबूत करते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था का कायाकल्प करेगा।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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