Home जयपुर पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजना में बड़ी लापरवाही: अनुभवहीन टीम की गलत डेटा एंट्री से व्यवस्था ठप, यूनियन ने रजिस्ट्रार को सौंपा ज्ञापन

पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजना में बड़ी लापरवाही: अनुभवहीन टीम की गलत डेटा एंट्री से व्यवस्था ठप, यूनियन ने रजिस्ट्रार को सौंपा ज्ञापन

सार 

Jaipur : राजस्थान बहुउद्देशीय सहकारी सोसायटी कर्मचारी यूनियन ने सहकारिता विभाग पंजीयक को ज्ञापन सौंपकर पैक्स कंप्यूटराइजेशन में तकनीकी खामियां सुधारने, गलत डेटा ठीक करने, कार्मिकों को प्रशिक्षण देने, बाड़मेर सीसीबी का अव्यावहारिक आदेश निरस्त करने और अवैध ब्याज वसूली रोकने की मांग की है।

विस्तार 

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 25 मई | राजस्थान बहुउद्देशीय सहकारी सोसायटी कर्मचारी यूनियन (RMCSEU) ने सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपकर जमीनी स्तर पर पैक्स (PACS) समितियों और उनके कार्मिकों को आ रही गंभीर व्यावहारिक और तकनीकी समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है। यूनियन ने इस ज्ञापन के माध्यम से मुख्य रूप से पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजना में हो रही गंभीर तकनीकी गड़बड़ियों को उजागर करते हुए इनके तत्काल समाधान की पुरजोर मांग की है।

केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से चलाई जा रही इस महत्वाकांक्षी पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजना का उद्देश्य जमीनी स्तर पर सहकारिता को डिजिटल और पारदर्शी बनाना है। लेकिन यूनियन का आरोप है कि योजना के तहत जमीनी स्तर पर लगाई गई ‘एसआर टीम’ (SR Team) तकनीकी रूप से पूरी तरह अनुभवहीन है। इस टीम की घोर लापरवाही और दक्षता की कमी के कारण सॉफ्टवेयर में बड़े पैमाने पर गलत डेटा एंट्री कर दी गई है। इस गलत डेटा फीडिंग की वजह से पूरी व्यवस्था ठप होने के कगार पर पहुंच गई है और पैक्स कार्मिकों के सामने काम करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। यूनियन ने मांग उठाई है कि सॉफ्टवेयर में दर्ज किए गए इस गलत डेटा को तुरंत सुधारा जाए। साथ ही, सॉफ्टवेयर के सुचारू संचालन के लिए पैक्स कार्मिकों के लिए 15 दिवसीय विशेष तकनीकी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी गलतियों से बचा जा सके।

उल्लेखनीय है कि इस पूरी कंप्यूटराइजेशन योजना के अंतर्गत प्रति पैक्स कुल 3.91 लाख रुपये का बजट अनुमानित है। इसमें से सॉफ्टवेयर के लिए 72,103 रुपये और प्रशिक्षण के लिए 10,198 रुपये की राशि भारत सरकार व नाबार्ड द्वारा वहन की जा रही है। इतनी बड़ी धनराशि आवंटित होने के बावजूद जमीनी स्तर पर काम सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है और तकनीकी खामियों का खामियाजा पैक्स कार्मिकों को भुगतना पड़ रहा है।

अव्यावहारिक आदेश के खिलाफ पैक्स कार्मिकों में भारी आक्रोश

पैक्स कंप्यूटराइजेशन के मुख्य मुद्दे के साथ ही यूनियन ने बाड़मेर केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) के अधिशाषी अधिकारी (EO) द्वारा जारी किए गए एक नियम-विरुद्ध और अव्यावहारिक आदेश का कड़ा विरोध किया है। जोधपुर खंड के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में भीषण गर्मी के बावजूद पैक्स कार्मिकों ने पूरी निष्ठा से कार्य करते हुए मात्र 20 दिनों में 850 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड खरीफ ऋण वसूली की थी। इसके साथ ही 400 करोड़ रुपये का फसली ऋण वितरित कर विभागीय आदेशों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित की थी। लेकिन इस सराहनीय कार्य के विपरीत, वहां के अधिशाषी अधिकारी ने पैक्स कंप्यूटराईजेशन योजना को पूर्ण करने के लिए पैक्स समितियों के मूल रिकॉर्ड को मुख्यालय से बाहर सीसीबी प्रधान कार्यालय लाने के निर्देश जारी कर दिए। यूनियन का स्पष्ट कहना है कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना मूल रिकॉर्ड को समिति से बाहर ले जाना सहकारी अधिनियम के प्रावधानों का खुला उल्लंघन है और यह कानूनी रूप से भी बेहद असुरक्षित है। इस अव्यावहारिक आदेश को न मानने पर अधिकारी ने पैक्स समितियों की फसली ऋण व्यवसाय की लॉगइन आईडी (ID) बंद कर दी है। इस मनमाने रवैये से उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों का मनोबल पूरी तरह टूट गया है। यूनियन ने इस आदेश को तुरंत निरस्त करने और बंद की गई आईडी को तत्काल चालू करने की मांग की है।

समितियों से वसूला जा रहा ‘ब्याज पर ब्याज’

राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के प्रबंध निदेशक रणजीत सिंह चूंडावत द्वारा जारी स्पष्ट निर्देशों के उल्लंघन का मामला भी उठाया गया है। अपेक्स बैंक के आदेशानुसार, ब्याज मुक्त फसली ऋण योजना के तहत समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों के पेटे केंद्रीय सहकारी बैंकों द्वारा समितियों से कोई ब्याज नहीं लिया जाना चाहिए और यदि टीसीएस (TCS) द्वारा ऑटोमैटिक ब्याज डेबिट होता है, तो उसे तुरंत रिवर्स किया जाना चाहिए। इसके बावजूद, कई केंद्रीय सहकारी बैंक नियमों की अवहेलना करते हुए समितियों के ऋण खातों पर ‘ब्याज पर ब्याज’ (चक्रवृद्धि ब्याज) वसूल रहे हैं, जिससे समितियों का वित्तीय संतुलन पूरी तरह बिगड़ रहा है। यूनियन ने इन सभी विसंगतियों को दूर कर पैक्स और उसके कर्मचारियों को राहत देने की पुरजोर अपील की है।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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