सार
Jaipur : केंद्रीय सहकारी बैंक कर्मियों को 15वें व 16वें समझौते के तहत लाखों-करोड़ों का वेतन और एरियर भुगतान नियमों के अनुसार किया गया है। विभाग ने बैंक की (कमजोर) माली हालत और जांच समिति के गठन की बात को सिरे से खारिज कर दिया है।

विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क । 18 मई । जोधपुर केंद्रीय सहकारी बैंक के कर्मचारियों को दिए गए भारी-भरकम वेतन और एरियर भुगतान को लेकर, राजस्थान विधानसभा के पंचम सत्र में भोपालगढ़ विधायक श्रीमती गीता बरवड़ द्वारा अतारांकित प्रश्न लगाया गया था । इसका सहकारिता विभाग द्वारा हाल ही में जवाब प्रस्तुत किया गया । जिसके मुताबिक, जोधपुर केंद्रीय सहकारी बैंक में कार्यरत बैंक कर्मियों के लिए 15वां वेतन समझौता 1 नवंबर 2019 से प्रभावी किया गया है तथा 16वां वेतन समझौता 1 मार्च 2024 से लागू कर, इन समझौतों के लागू होने के बाद बैंक कर्मियों और अधिकारियों को वेतन तथा एरियर (बकाया) का भुगतान किया जा चुका है । सहकारिता विभाग की ओर लिखित जवाब के अनुसार, सीसीबी के कई अधिकारियों और कर्मचारियों को लाखों और करोड़ रुपये तक का भुगतान किया गया है । इसके अलावा अन्य दर्जनों कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि और पद के अनुसार 15वें एवं 16वें समझौते के तहत एरियर और वार्षिक वेतन जारी किया गया है ।
बैंक की माली हालत कमजोर, फिर भी करोड़ो का भुगतान; जांच समिति से इनकार
विधायक श्रीमती गीता बरवड़ ने विभाग से सवाल पूछा था कि “क्या यह सही है कि बैंक की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद कर्मचारियों एवं अधिकारियों को करोड़ों रुपये का वेतन और एरियर भुगतान किया गया?” इसके साथ ही उन्होंने पूछा था कि क्या सहकारिता विभाग इस भुगतान की जांच के लिए किसी विशेष समिति के गठन पर विचार कर रही है । इन सवालों पर सहकारिता विभाग ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए दोनों ही बातों से साफ इनकार कर दिया है । विभाग ने इस बात को ‘जी नहीं’ कहकर खारिज कर दिया कि बैंक की माली हालत (कमजोर) होने के बावजूद यह भुगतान किया गया । विभाग के अनुसार नियमों के तहत ही यह राशि दी गई है । वही बैंक की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए वेतन-भत्तों और एरियर भुगतान की जांच के लिए किसी भी प्रकार की समिति गठित करने के विचार को सरकार ने सिरे से नकार दिया है।


