Home जयपुर सहकारिता विभाग में “स्वच्छ सहकार, समृद्ध सहकार” अभियान की शुरुआत, कर्मचारी संगठनों ने पहल को सराहा

सहकारिता विभाग में “स्वच्छ सहकार, समृद्ध सहकार” अभियान की शुरुआत, कर्मचारी संगठनों ने पहल को सराहा

सार 

Jaipur : राजस्थान के सहकारिता विभाग में डॉ. समित शर्मा द्वारा शुरू किए गए “स्वच्छ सहकार, समृद्ध सहकार” अभियान का कर्मचारी संगठनों ने स्वागत किया है। इसका उद्देश्य सफाई, रिकॉर्ड प्रबंधन और पारदर्शिता द्वारा कार्यसंस्कृति सुधारना है।

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विस्तार

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 5 मई | राजस्थान के सहकारिता विभाग में सफाई व्यवस्था, रिकॉर्ड रखरखाव और समयबद्धता को सुधारने के लिए शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा द्वारा शुरू किए गए “स्वच्छ सहकार, समृद्ध सहकार” अभियान का कर्मचारी संगठनों ने पुरजोर स्वागत किया है। ऑल राजस्थान कोआपरेटिव बैंक एम्प्लाइज यूनियन व ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रांतीय महासचिव तथा सहकारी साख समितियाँ एम्प्लाइज यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष सूरज भान सिंह आमेरा ने इस पहल को विभाग की छवि बदलने वाली एक सराहनीय कोशिश बताया है।

सहकार नेता सूरज भान सिंह आमेरा ने विश्वास व्यक्त किया कि सहकार भवन से लेकर पैक्स (PACS) और सहकारी बैंकों तक चलने वाले इस अभियान से सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि एक साफ-सुथरा कार्यालय न केवल ग्राहकों और कर्मचारियों में विश्वास पैदा करता है, बल्कि यह संस्थान की पेशेवर छवि और विश्वसनीयता का पहला संकेत होता है। धूल-मुक्त और व्यवस्थित कार्यस्थल कर्मचारियों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है, जिससे उनकी उत्पादकता में वृद्धि होती है।

रिकॉर्ड प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आमेरा ने बताया कि व्यवस्थित फाइलिंग और डिजिटल रिकॉर्ड रखने से पारदर्शिता बढ़ती है। बैंकिंग क्षेत्र में ऑडिट, शिकायतों के त्वरित निवारण और कानूनी सुरक्षा के लिए यह अनिवार्य है। जब हर फाइल का स्थान निश्चित होता है, तो समय की बचत होती है और धोखाधड़ी की गुंजाइश कम हो जाती है। व्यवस्थित कार्यप्रणाली का सीधा लाभ ग्राहक सेवा को मिलता है, जिससे बैंकिंग कार्य तेज और त्रुटिहीन होते हैं।

सहकारी संस्थाओं में ‘सफाई से समृद्धि’ 

आमेरा ने भारतीय संस्कृति और वास्तु शास्त्र का उल्लेख करते हुए कहा कि जहाँ सफाई और सुमति होती है, वहीं समृद्धि का वास होता है। गंदगी और अस्त-व्यस्त माहौल नकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं, जबकि एक स्वच्छ कार्यालय स्वस्थ शरीर की तरह और व्यवस्थित रिकॉर्ड उसकी तेज स्मृति की तरह होते हैं। उन्होंने प्रदेश की सभी सहकारी समितियों, बैंकों और संस्थाओं के कर्मचारियों से इस अभियान में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया है ताकि एक कुशल और मजबूत कार्य संस्कृति का निर्माण हो सके।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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