सार
Jaipur : नाबार्ड द्वारा तैयार पैक्स एचआर पॉलिसी की समीक्षा हेतु उच्च स्तरीय कमेटी की बैठक हुई। इसमें तीन प्रमुख कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने व्यवस्थापकों के हितों में बदलाव के सुझाव दिए…!

विस्तार
जयपुर। डिजिटल डेस्क | 27 अप्रैल | राजस्थान में पैक्स व्यवस्थापकों के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) द्वारा तैयार की गई नई एचआर पॉलिसी के अध्ययन हेतु गठित उच्च स्तरीय कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आज राजस्थान राज्य सहकारी बैंक (Apex Bank) में आयोजित की गई । सहकारिता विभाग पंजीयक कार्यालय के अतिरिक्त रजिस्ट्रार (द्वितीय) द्वारा गठित इस कमेटी की बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ पैक्स कार्मिकों की तीन प्रमुख यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भाग लिया । बैठक में राजस्थान बहुउद्देशीय सहकारी सोसायटी कर्मचारी यूनियन, राजस्थान सहकारी कर्मचारी संघ (भा.म.स) और राजस्थान सहकारी विकास मंच के प्रतिनिधियों ने एचआर पॉलिसी के ड्राफ्ट पर विस्तृत चर्चा की और व्यवस्थापकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण बदलावों के सुझाव दिए । इस बैठक में संगठनों की ओर से हनुमान सिंह राजावत, मदन मेनारिया, देवेन्द्र कुमार सैदावत और सत्यनारायण तिवाड़ी ने भाग लेकर कार्मिकों का पक्ष मजबूती से रखा । चर्चा के दौरान यह सहमति बनी कि जैसे ही एचआर पॉलिसी की रिपोर्ट तैयार होगी, आगामी बैठक में इसका पुनः अध्ययन किया जाएगा । गौरतलब है कि प्रदेश में करीब 50 दिनों से चल रहे कार्य बहिष्कार के बाद 21 अप्रैल को शीर्ष बैंक प्रबंध निदेशक एवं सहकारिता विभाग पंजीयक कार्यालय के संयुक्त रजिस्ट्रार (बैकिंग-प्रथम) और संयुक्त संघर्ष समिति के बीच हुई वार्ता में इन यूनियनों के प्रतिनिधियों को कमेटी में शामिल करने पर सहमति बनी थी, जिसके बाद कार्य बहिष्कार को स्थगित किया गया था । बैठक के उपरांत राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा को मांग पत्र सौंपकर वार्ता में बनी सहमतियों पर त्वरित कार्यवाही की मांग की है ।

रिक्त पदों पर भर्ती और चयन प्रक्रिया की उम्मीद
राजस्थान बहुउद्देशीय सहकारी सोसायटी कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री एवं संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्य देवेन्द्र कुमार सैदावत ने बताया कि केंद्रीय सहकारी बैंकों में लंबे समय से रिक्त चल रहे ऋण पर्यवेक्षक (एलएस) के पदों को भरने के संबंध में सकारात्मक प्रगति हुई है। उन्होंने संभावना जताई है कि इन पदों को भरने के लिए कल तक आदेश जारी हो सकते हैं। इसके साथ ही, केंद्रीय सहकारी बैंकों में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों के लिए आरक्षित 20 प्रतिशत पदों पर भी चयन प्रक्रिया शुरू करने के आदेश शीघ्र जारी होने की प्रबल संभावना है।


