Home बाड़मेर बाड़मेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक : 31 मार्च की जगह अब 15 मई तक चुकाएं अपना फसली ऋण

बाड़मेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक : 31 मार्च की जगह अब 15 मई तक चुकाएं अपना फसली ऋण

सार 

Barmer : किसानों के लिए खरीफ फसली ऋण चुकाने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 मई 2026 कर दी गई है। समय पर भुगतान करने पर ऋण ब्याज मुक्त रहेगा और आगामी ऋण की पात्रता बनी रहेगी।

विस्तार 

बाड़मेर । 22 अप्रैल । डिजिटल डेस्क | जिले के किसानों के लिए अल्पकालीन खरीफ फसली ऋण चुकाने को लेकर महत्वपूर्ण खबर है। दी बाड़मेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़ी ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से सीजन 2025 में लिए गए ऋणों को चुकाने की अंतिम तिथि अब बढ़ाकर 15 मई 2026 कर दी गई है। बैंक के अधिशाषी अधिकारी डॉ. सुरेश चन्द मीणा ने जानकारी दी कि पहले ऋण अदायगी की समय सीमा 31 मार्च निर्धारित थी, जिसे राज्य सरकार ने अब बढ़ाकर ऋण वितरण की तारीख से 12 माह या 15 मई 2026 (जो भी पहले हो) तक कर दिया है।

किसानों के लिए समय पर ऋण चुकाना इसलिए अनिवार्य है क्योंकि ऐसा करने पर ही उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले कुल 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान (4% राज्य और 3% केंद्र सरकार) का सीधा लाभ मिलता है। नियत तिथि से पहले भुगतान करने पर किसानों से किसी भी प्रकार का ब्याज वसूल नहीं किया जाता, जिससे यह ऋण पूरी तरह ब्याज मुक्त हो जाता है। इसके साथ ही, समय पर अदायगी करने वाले किसान ही आगामी खरीफ सीजन 2026 में दोबारा ऋण प्राप्त करने और फसल बीमा योजना का लाभ लेने के पात्र होंगे।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित तिथि तक ऋण जमा नहीं कराया गया, तो वह ‘अवधिपार’ (Overdue) की श्रेणी में आ जाएगा। ऐसी स्थिति में किसानों को ब्याज अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा और ऋण वितरण की मूल तारीख से ही पूरा ब्याज वसूला जाएगा। इसके अलावा, ऋण न चुकाने पर आगामी वर्षों में लोन लेने की पात्रता भी प्रभावित हो सकती है और किसान फसल बीमा के सुरक्षा कवच से भी वंचित रह सकते हैं। बैंक ने सभी ऋणी सदस्यों से अपील की है कि वे अपनी बकाया राशि संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति या बैंक शाखा में 15 मई से पूर्व जल्द से जल्द जमा कराएं।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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