Home जयपुर सहकारिता विभाग में लागू होगा रैंकिंग सिस्टम; रिकॉर्ड न देने वाली समितियों पर दर्ज होगी FIR – सहकारिता मंत्री

सहकारिता विभाग में लागू होगा रैंकिंग सिस्टम; रिकॉर्ड न देने वाली समितियों पर दर्ज होगी FIR – सहकारिता मंत्री

सार

Jaipur : सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने विभाग में पारदर्शिता और रैंकिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अनियमितता करने वाली समितियों पर FIR और दोषी कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई सहित जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने पर जोर दिया है।

विस्तार 

जयपुर, 7 अप्रैल। राजस्थान के सहकारिता विभाग में अब अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता को उनकी प्रगति के आधार पर मापा जाएगा। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए रैंकिंग सिस्टम लागू किया जाए और अनियमितता बरतने वाली समितियों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया जाए। मंगलवार को शासन सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान गौतम कुमार दक ने सख्त लहजे में कहा कि जिन सहकारी समितियों में अनियमितताएं पाई गई हैं और वे जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं, उनके खिलाफ FIR दर्ज करवाई जाए। विशेष रूप से जो समितियां रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करवा रही हैं, उनसे कानूनी तरीके से रिकॉर्ड प्राप्त किया जाएगा।

साथ ही, फर्जी ऋण वितरण करने वाले दोषी कार्मिकों पर भी तत्काल पुलिस कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, मंत्री ने जोर दिया कि राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ पात्र किसानों को बिना किसी बाधा के मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गेहूं की खरीद पर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे रही है। बम्पर खरीद की संभावना को देखते हुए तैयारियों को चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, सहकारी भूमि विकास बैंकों के बकाया ऋणों की वसूली के लिए यह सुनहरा मौका है क्योंकि सरकार ब्याज और पेनल्टी माफ कर रही है। अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर ऋणियों को इसके लिए प्रेरित करेंगे।

विश्व की सबसे बड़ी अन्न भण्डारण योजना के तहत बन रहे 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। इस उच्च स्तरीय बैठक में राजफेड के प्रबंध निदेशक सौरभ स्वामी सहित सभी शीर्ष सहकारी संस्थाओं के प्रबंध निदेशक एवं फंक्शनल अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे। जबकि, समस्त अतिरिक्त रजिस्ट्रार (खण्ड), क्षेत्रीय अंकेक्षण अधिकारी (खण्ड), जिला उप रजिस्ट्रार, केन्द्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशक, विशेष अंकेक्षक, प्राथमिक भूमि विकास बैंकों के सचिव, क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के सीईओ एवं जिला इकाइयों में कार्यरत निरीक्षक वीसी के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

रैंकिंग और मॉनिटरिंग: काम के आधार पर तय होगा प्रदर्शन

शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा

शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा ने बैठक में बताया कि अब सभी अधिकारियों और निरीक्षकों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। उनकी प्रगति के आधार पर एक रैंकिंग प्रणाली शुरू की जाएगी, जिससे बेहतर काम करने वालों की पहचान हो सके। इसके अलावा समस्त विभागीय कार्य अब ई-फाइल के माध्यम से होंगे। राज सहकार पोर्टल का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों का निपटारा एक निश्चित समय सीमा में करना अनिवार्य होगा।

डिजिटल सहकारिता और नवाचार

सहकारिता मंत्री ने निर्देश दिया कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन योजना के तहत जिन समितियों ने अभी तक ‘गो-लाइव’ प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें जल्द इसे पूरा करने को कहा गया है। असहयोग करने वाली समितियों पर कार्रवाई होगी। साथ ही,  प्रत्येक जिले में कम से कम 5 ऐसी सहकारी समितियां विकसित की जाएंगी जो नए प्रयोग और गतिविधियां शुरू कर अन्य समितियों के लिए मिसाल बनें। कस्टम हायरिंग सेंटर सेंटर्स के माध्यम से किसानों को होने वाले वास्तविक लाभ का डेटा तैयार किया जाएगा।

सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक

“अनियमितताओं के मामले में सरकार का रुख ‘जीरो टॉलरेंस’ का है। लक्ष्य अर्जित करने में कोताही बरतने वाले जिलों पर विशेष फोकस किया जाएगा।”

गौतम कुमार दक, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

 

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

error: Content is protected !!