Home जयपुर शीर्ष सहकारी बैक ने जारी किए SHG लक्ष्य : इस साल 2000 नए समूह और 3300 क्रेडिट लिंकेज का प्लान

शीर्ष सहकारी बैक ने जारी किए SHG लक्ष्य : इस साल 2000 नए समूह और 3300 क्रेडिट लिंकेज का प्लान

सार 

Jaipur : प्रदेश भर में 2000 नए स्वयं सहायता समूहों (SHG) के गठन और 3300 समूहों के क्रेडिट लिंकेज का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए कुल 6080 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है।

File Photo RSCB (Mkm News Rajasthan)

विस्तार 

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 7 अप्रैल | राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (RSCB) ने महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वयं सहायता समूह (SHG) के लक्ष्यों की घोषणा कर दी है बैंक के प्रबन्ध निदेशक (MD) रणजीत सिंह चुंडावत द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस वर्ष पूरे राज्य में 2000 नए स्वयं सहायता समूहों के गठन, 3300 समूहों के साख कड़ीबंधन (Credit Linkage) और कुल 6080 लाख रुपये के ऋण वितरण (Loan Disbursement) का लक्ष्य रखा गया है बैंक ने सभी जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों (DCCBs) को निर्देशित किया है कि वे इन लक्ष्यों को गंभीरता से लें, क्योंकि पिछले वर्ष (2025-26) में इन लक्ष्यों की प्राप्ति काफी कम रही थी समूहों को ऋण देते समय केवाईसी मानदंडों (KYC Norms) का कड़ाई से पालन करने और उनकी ग्रेडिंग सही तरीके से करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कर्ज के एनपीए (NPA) होने का खतरा न रहे । इस योजना के तहत अब सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को जोड़ने के लिए पैक्स (PACS) के माध्यम से काम किया जाएगा, क्योंकि वहां स्थानीय पहुंच अधिक होती है साथ ही, बैंक उन समूहों को ‘रिपीट फाइनेंस’ (Repeat Finance) भी उपलब्ध कराएगा जो गुणवत्ता के आधार पर दोबारा ऋण के पात्र हैं लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति के लिए बैंक प्रतिनिधियों को राजीविका (Rajeevika) नोडल अधिकारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और एनजीओ (NGOs) के साथ समन्वय करने को कहा गया है इन कार्यों की नियमित मासिक समीक्षा (Monthly Review) की जाएगी ताकि राज्य में गरीबी उन्मूलन (Poverty Alleviation) के साथ बैंक की लाभप्रदत्ता (Profitability) भी सुनिश्चित हो सके ।

सीसीबीवार लक्ष्य हुए निर्धारित

राजस्थान राज्य सहकारी बैंक की ओर से इस वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत, अजमेर सीसीबी को 80 लाख, अलवर सीसीबी को 6 करोड़ 40 लाख, बांसवाड़ा सीसीबी को 1 करोड़ 60 लाख, बारां सीसीबी को 64 लाख, बाड़मेर सीसीबी को 1 करोड़ 60 लाख, भरतपुर सीसीबी को 16 लाख, भीलवाड़ा सीसीबी को 16 लाख, बीकानेर सीसीबी को 1 करोड़ 60 लाख, बूंदी सीसीबी को 1 करोड़ 60 लाख, चित्तौड़गढ़ सीसीबी को 1 करोड़ 60 लाख, चूरू सीसीबी को 1 करोड़ 60 लाख, दौसा सीसीबी को 4 करोड़, डूंगरपुर सीसीबी को 68 लाख, हनुमानगढ़ सीसीबी को 3 करोड़ 20 लाख, जयपुर सीसीबी को 3 करोड़ 20 लाख, जैसलमेर सीसीबी को 64 लाख, जालौर सीसीबी को 80 लाख, झालावाड़ सीसीबी को 3 करोड़, झुंझुनूं सीसीबी को 6 करोड़, जोधपुर सीसीबी को 80 लाख, कोटा सीसीबी को 2 करोड़ 40 लाख, नागौर सीसीबी को 80 लाख, पाली सीसीबी को 16 लाख, सवाई माधोपुर सीसीबी को 1 करोड़ 60 लाख, सीकर सीसीबी को 6 करोड़, सिरोही सीसीबी को 30 लाख, श्रीगंगानगर सीसीबी को 4 करोड़, टोंक सीसीबी को 16 लाख तथा उदयपुर सीसीबी को 5 करोड़ 30 लाख रुपये का वित्तीय लक्ष्य दिया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश भर में कुल 2000 नए स्वयं सहायता समूहों (SHG) के गठन और 3300 समूहों के क्रेडिट लिंकेज का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए कुल 6080 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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