सार
Jaipur : अपनी मांगों (मुख्यतः कैडर निर्धारण) को लेकर 8000 पैक्स कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज ठप है। इससे प्रदेश के करीब 50 लाख की आबादी को खाद, बीज और ऋण के लिए भारी परेशानी हो रही है।

विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क । 9 मार्च । प्रदेशभर की 8000 ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs) में कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर के पैक्स-लैम्पस के कर्मचारी आज लामबंद हैं और राजधानी जयपुर स्थित नेहरू सहकार भवन के बाहर एकदिवसीय धरना दे रहे हैं।
फिलहाल, नेहरू सहकार भवन पर कर्मचारियों का भारी जमावड़ा है और वे अपनी मांगों के माने जाने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की बात कह रहे हैं। सहकारिता विभाग की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
जबकि प्रदेश की 8000 पैक्स-लैम्पस में से अधिकांश पर ताले लटके हुए हैं, जिससे राज्यभर में पैक्स-लैम्पस से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़ी हुई 50 लाख की आबादी पर सीधा प्रभाव पड़ रहा हैं। समितियों के बंद होने से किसानों को खाद-बीज वितरण, ऋण संबंधी कार्यों और अन्य सहकारी सुविधाओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख मांगें
आंदोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी वाजिब मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने अब तक उनकी अनदेखी की है। उनकी प्रमुख मांगें कैडर निर्धारण की हैं । उन्होने बताया कि ग्राम सेवा सहकारी समिति के कर्मचारियों के लिए स्पष्ट सेवा कैडर का गठन कर कर्मचारियों के नियोक्ता को लेकर स्पष्टता और नीति का निर्धारण किया जाएं, ताकि भविष्य में सेवा सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


