Home जयपुर एक ने दिया ऋण प्रतिबंध का आदेश तो दूसरे ने दिए चालू करने के निर्देश

एक ने दिया ऋण प्रतिबंध का आदेश तो दूसरे ने दिए चालू करने के निर्देश

सार 

Jaipur : अल्पकालीन फसली सहकारी ऋण पर प्रतिबंध के लिए सहकारिता विभाग पंजीयक कार्यालय के अतिरिक्त रजिस्ट्रार (बैकिंग) की ओर से निर्देश जारी, जबकि राजस्थान राज्य सहकारी बैंक की ओर से वीसी के दौरान प्रतिबंध हटाने के दिए जा रहें निर्देश 

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विस्तार 

जयपुर । डिजिटल डेस्क । 4 जून । फिलहाल अलवर जिले में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारियों द्वारा दैनिक कार्य बहिष्कार जारी हैं, इसी ही बीच दी अलवर सैण्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक प्रबंध निदेशक द्वारा एक पत्र जारी किया गया हैं, जिसके अनुसार, पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजना में प्रतिबंधित ऋण को मुक्त किया जा सकता हैं । यह निर्देश राजस्थान राज्य सहकारी बैंक की ओर से वीसी के दौरान देना बताया गया हैं । हालांकि ऋण पर प्रतिबंध के लिए सहकारिता विभाग पंजीयक कार्यालय के अतिरिक्त रजिस्ट्रार (बैकिंग) की ओर से निर्देश जारी किए गए थे और पैक्स कंप्यूटराइजेशन का कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिती तक ऋण प्रतिबंध नहीं हटाने के निर्देश दिए गए थे । लेकिन राजस्थान राज्य सहकारी बैंक अपने एकाधिकार वाद शैली के लिए वर्षो से मशहूर हैं । यह वही राजस्थान राज्य सहकारी बैंक हैं, जिसने सालों पहले अपनी आमसभा मे कलेक्टरों को चांदी के सिक्के बांट कर सुर्खियां बटोरी थी ।

एफआईजी में हो सकता है बदलाव 

राजस्थान राज्य सहकारी बैंक द्वारा एफआईजी पोर्टल में बदलाव के आसार दिखने लगे हैं, गुप्त सूत्रों के अनुसार, निरंतर खबरों का प्रकाशन होने के उपरांत सहकारिता विभाग के हेड की नींद खुली हैं और एफआईजी में बदलाव के निर्देश प्रदान किए गए हैं, वही ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक नई फिंगरप्रिंट मशीन यानी “मंत्रा” या “मोरफो” लेते हुए शहरों में नजर आ रहें हैं।

तिथि बढ़ने के बाद भी मय ब्याज ऋण

राज्य सरकार की ब्याज मुक्त योजना के तहत वितरित ऋणों की वसूली अवधि 30 जून या एक साल जो भी पहले हो तक बढ़ाई गई थी, लेकिन खरीफ का ऋण चुकाने में देरी करने वाले किसानों को पैक्स कंप्यूटराइजेशन का कार्य पूर्ण नहीं होने के कारण ग्राम सेवा सहकारी समितियों की एफआईजी आईडी बंद होने के चलते आज मय ब्याज राशि चुकाकर ऋण प्राप्त करना पड़ रहा है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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