Home | cooperative | जयपुर | भारत सरकार से बजट में सहकारी बैंकों को पूंजीकरण सहायता की मांग – आमेरा

भारत सरकार से बजट में सहकारी बैंकों को पूंजीकरण सहायता की मांग – आमेरा

02 1532 e1721314906581

जयपुर । डिजिटल डेस्क । 18 जुलाई । ऑल इंडिया को ऑपरेटिव बैंक एम्पलाइज फेडरेशन (AICBEF) के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक तमिलनाडु राज्य की राजधानी चेन्नई में राष्ट्रीय अध्यक्ष जी वाईरप्पन की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (AIBEA) के राष्ट्रीय महासचिव सीएच वेंकटचलम शामिल हुए, साथ ही, राजस्थान से सहकार नेता एवं फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सूरजभानसिंह आमेरा भी शामिल हुए । सहकार नेता ने बताया कि बैठक में सहकारी बैंकिंग व्यवस्था व सहकारी साख आंदोलन को सक्षम, सुदृढ़ व पारदर्शी बनाए जाने पर विचार करते हुए किसानों के हित में सहकारी बैंकों के पूँजीगत संसाधन के लिए भारत सरकार से सहकारी बैंको के लिए बजट में पुनर्पूंजीकरण सहायता का बजट प्रावधान करते हुए सहायता जारी करने की मांग की गई, उन्होने बताया कि भारत सरकार द्वारा हर वर्ष व्यावसायिक बैंको के लिए करोड़ों रूपये की पूँजीगत सहायता जारी की जाती है, लेकिन किसानों व कृषि से जुड़े सहकारी बैंको को कोई पूँजीगत सहायता नहीं दी जा रही है, जबकि सहकारी बैंकों से करोड़ों रुपये का आयकर उगाया जाता है, जिससे सहकारी बैंक कमजोर हो रहे है।

02 1533 e1721314944324

विभिन्न मुद्दो पर हुई चर्चा

सहकार नेता सूरजभानसिंह आमेरा ने बताया कि बैठक में भूमी विकास बैंकों का सविलयन व समामेलन करने, जिसमें पीएलडीबी को एसएलडीबी की शाखा बनाकर इस सेक्टर को पूँजीगत सहायता से आर्थिक पुनरुद्धार करने सहित सहकारी बैंकिंग में सीसीबी को अपैक्स बैंक की शाखाएं बनाकर टू टियर बैंकिंग व्यवस्था से राज्य में एक बड़ा सहकारी बैंक बनाने, वही, पैक्स कार्मिक के सेवा शर्तों में वेतन भुगतान सुनिश्चित करने, सहकारी कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा के लिए पेंशन सुविधा लागू कराने, ईपीएस 95 से देय उच्च पेंशन जारी करने, सहकारी बैंकों पर आयकर प्रावधान समाप्त कर पहले की तरह आयकर फ्री करने, बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के प्रावधान व रिजर्व बैंक के निर्देश प्रभावी रूप से लागू करने, नेट व डिजिटल बैंकिंग स्वीकृति के लिए उदारता बरतने सहित अरबन बैंकिंग व्यवस्था में हो रहे ग़बन व घोटालो से आमजन को सुरक्षित करने आदि मुद्दों पर चर्चा कर प्रस्ताव पारित किए गए हैं ।

संसद पर होगा धरना प्रदर्शन

सहकार नेता ने बताया की फ़ेडरेशन के अखिल भारतीय आह्वान पर इन सभी मुद्दों व माँग को लेकर अगस्त एवं सितंबर माह में सहकारी बैंक कर्मचारी व अधिकारी द्वारा विभिन्न राज्यों में सेमिनार व सम्मेलन आयोजित कर कार्मिको को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाएंगे, इसके लिए पोस्टर व बेज जारी किए जाएंगे, वही, राज्यो की विधानसभा पर राज्य स्तरीय धरने आयोजित किए जाएंगे, इसके साथ ही, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान दिल्ली में एआईबीईए व एआईसीबीईएफ मिलकर संयुक्त रूप से सहकारी बैंक के लिए जंतर मन्तर से रैली आयोजित कर संसद पर धरना प्रदर्शन करेंगें ।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

error: Content is protected !!