Home जयपुर सहकारी समितियों में व्यवस्थापकों के खाली पदों पर भर्ती की जगी आस

सहकारी समितियों में व्यवस्थापकों के खाली पदों पर भर्ती की जगी आस

दो साल पहले जारी हुए थे ग्राम सेवा सहकारी समितियों में व्यवस्थापकों के लिए नए सेवा नियम, जिसमें व्यवस्थापक पदों पर किया गया था सीधी भर्ती का प्रावधान

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File Photo –

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 10 जनवरी | राजस्थान सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने सहकारिता मंत्री का पदभार ग्रहण करने के पश्चात सहकारिता विभाग (Cooperative Department) की प्रथम विभागीय समीक्षा बैठक ली । जिसमें सहकारिता मंत्री ने व्यवस्थापकों के खाली पदों को भरने के लिए टाइम बाउन्ड प्रोग्राम (time bound programme) बनाने के निर्देश देने पर राज्य की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में खाली पड़े व्यवस्थापकों के 3000 पदों पर नई भर्ती की आस जगी है। आपकों बता दें कि दो साल पहले पंजीयक सहकारिता विभाग (Registrar Cooperative Department) ने ग्राम सेवा सहकारी समितियों (पैक्स/लैम्पस) के कर्मचारियों की भर्ती, चयन प्रक्रिया और सेवा नियम 2022 जारी कर किए थे । जिसमें 10 जुलाई, 2017 के बाद स्क्रीनिंग की व्यवस्था को समाप्त कर राजस्थान राज्य सहकारी भर्ती बोर्ड (Rajasthan State Cooperative Recruitment Board) के माध्यम से परीक्षा का आयोजन कर व्यवस्थापकों की भर्ती करने का प्रावधान लागू कर दिया था । लेकिन दो साल बीत जाने के बावजुद 3000 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में व्यवस्थापक के खाली पदों पर सीधी भर्ती आज दिन तक नहीं हो पाई है।

नए सेवा नियमों में नहीं होगी स्क्रीनिंग

दो साल पहले पैक्स-लैम्पस कर्मचारियों की भर्ती, चयन प्रक्रिया के लिए जारी सेवानियम 2022 के मुताबिक, व्यवस्थापक के पद पर सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी उसी जिले का मूल निवासी होना चाहिए, जिस जिले की ग्राम सेवा सहकारी समिति में रिक्त पद पर नियुक्ति होनी है। इसके साथ ही, 10 जुलाई, 2017 से पूर्व नियुक्त व्यवस्थापक/सहायक व्यवस्थापक का स्क्रीनिंग के माध्यम से नियमितिकरण करने के आदेश जारी हुए थे । जारी सेवानियम में यह स्क्रीनिंग केवल एक बार ही होने के पश्चात पैक्स-लैम्पस में कर्मचारियों के नियमितिकरण में स्क्रीनिंग प्रक्रिया को हटाकर परीक्षा से भर्ती की व्यवस्था की गई है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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