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भीषण गर्मी और सर्वर की ‘लुका-छिपी’ पर भारी पड़ा व्यवस्थापकों का जज्बा, बाड़मेर में ‘मिशन ऋण वितरण’ परवान पर

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Barmer : भीषण गर्मी और तकनीकी बाधाओं के बावजूद बाड़मेर में सहकारी समितियों के व्यवस्थापक मुस्तैद हैं। 15 मई तक ऋण जमा न करने पर किसान डिफॉल्टर हो जाएंगे…

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बाड़मेर। डिजिटल डेस्क | 14 मई | सीमावर्ती जिले में जहाँ आसमान से बरसती आग और भीषण लू (Heatwave) ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है, वहीं सहकारी आंदोलन त्रिस्तरीय “ढांचागत” ने किसानों की मदद के लिए दिन-रात एक कर दिया है। विपरीत परिस्थितियों और तकनीकी बाधाओं के बावजूद, बाड़मेर केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) से जुड़ी ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों ने कर्तव्यनिष्ठा की अनूठी मिसाल पेश की है इस वर्ष ऋण वितरण की राह कांटों भरी रही। एक ओर पैक्स (PACS) स्तर पर एफआईजी पोर्टल का सर्वर बार-बार डाउन रहा, तो दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या ने चुनौती खड़ी की। इसके अतिरिक्त, 27 फरवरी से 21 अप्रैल तक चले कार्य बहिष्कार के कारण समय का भी अभाव था। लेकिन कार्य पर लौटते ही व्यवस्थापकों ने पिछले 20 दिनों में जिस समर्पण से कार्य किया, उसका परिणाम आज धरातल पर दिख रहा है सहकारिता विभाग ने पूर्व में आई बाधाओं को देखते हुए ऋण वसूली की अंतिम तिथि को 31 मार्च से बढ़ाकर 15 मई किया था। अब इसमें केवल एक दिन शेष है।

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गिड़ा पैक्स में खरीफ ऋण वितरण करते हुए

सीसीबी की 920 करोड़ रुपये की कुल डिमांड में से 150 करोड़ रुपये की वसुली अभी शेष हैं तथा यदि किसान कल तक ऋण जमा नहीं कराते, तो वे ‘डिफॉल्टर’ घोषित हो जाएंगे एव डिफॉल्टर होने पर किसानों को 7% दंडनीय ब्याज और 2% अतिरिक्त पेनल्टी का भुगतान करना होगा।

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अंतिम छोर तक पहुँचने का लक्ष्य

भीषण गर्मी के बावजूद बैंक अधिकारी और पैक्स व्यवस्थापक लगातार गांवों में किसानों से संपर्क साध रहे हैं। बैंक का मुख्य ध्येय यह है कि 15 मई की अंतिम समय सीमा तक अधिक से अधिक किसानों को ब्याज मुक्त ऋण योजना का लाभ मिले और उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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