Home राज्य राजस्थान केंद्रीय सहकारी बैंकों में भर्ती की मांग: सहकारिता विभाग को सौंपा ज्ञापन, सेवाओं में सुधार की उम्मीद

केंद्रीय सहकारी बैंकों में भर्ती की मांग: सहकारिता विभाग को सौंपा ज्ञापन, सेवाओं में सुधार की उम्मीद

सार 

राजस्थान के सहकार नेता आमेरा ने केंद्रीय सहकारी बैंकों में रिक्त पदों पर त्वरित भर्ती और ऋण पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की मांग की है, ताकि बैंकिंग सेवाओं में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

विस्तार 

​जयपुर।|डिजिटल डेस्क 14 जुलाई |प्रदेश में सहकारी साख व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में संगठन ने प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। ऑल राजस्थान कॉ-आपरेटिव बैंक एम्पलाईज यूनियन एवं बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन युनियन संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने सहकारिता विभाग के उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है।

इसमें केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCB) में रिक्त पदों पर त्वरित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया गया है, ताकि किसान सेवा और बैंकिंग परिचालन में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके।प्रांतीय महासचिव एव सहकार नेता सूरज भान सिंह आमेरा ने स्पष्ट किया कि ‘पैक्स/लैम्पस कार्मिक सेवा नियम 2022’ के प्रावधानों के अंतर्गत केंद्रीय सहकारी बैंकों में बैंकिंग सहायक के पदों पर पैक्स कार्मिकों हेतु 20 प्रतिशत कोटा निर्धारित है। लंबे समय से लंबित इस भर्ती प्रक्रिया को क्रियान्वित करने से एक ओर जहाँ अनुभवी एवं बेदाग कार्मिकों को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे, वहीं बैंकों में व्याप्त स्टाफ की कमी को भी दूर किया जा सकेगा।

संगठन ने सरकार से मांग की है कि इन रिक्त पदों पर भर्ती के लिए शीघ्र विज्ञप्ति जारी की जाए। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि चयन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए और मेरिट को ही प्राथमिकता दी जाए। ज्ञापन में उम्मीद जताई गई है कि ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में सरकार पैक्स एवं बैंक कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी। 

​ऋण पर्यवेक्षकों की नियुक्ति समय की मांग

ज्ञापन में केंद्रीय सहकारी बैंकों में ‘ऋण पर्यवेक्षक’ (Loan Supervisor) के पदों पर भर्ती पर विशेष बल दिया गया है। सहकार नेता ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में ऋण वितरण, वसूली, नवाचारी योजनाओं के संचालन और अवधिपार ऋण (NPA) नियंत्रण के लिए फील्ड स्तर पर प्रभावी पर्यवेक्षण का अभाव है। स्टाफ की कमी के कारण ऋण निगरानी प्रणाली और किसान सेवाएँ प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रही हैं, साथ ही अनियमितताओं एवं गबन जैसे जोखिमों पर अंकुश लगाने के लिए भी इन पदों का भरा जाना अत्यंत आवश्यक है।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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