सार
राज्य सरकार और सहकारिता विभाग के मुताबिक, आगामी 16 अगस्त 2026 को अलवर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा फलोदी, बालोतरा, डीडवाना-कुचामन और प्रतापगढ़ जिलों में केंद्रीय सहकारी बैंकों के गठन की घोषणा किया जाना प्रस्तावित है।
विस्तार 
फलोदी/जयपुर| । प्रदेश ङेस्क 7अगस्त |रेगिस्तानी जिले फलोदी के लिए सहकारिता आंदोलन के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रदेश में सहकारिता के दायरे को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आगामी 16 अगस्त 2026 को अलवर जिले में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय समारोह के दौरान केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा प्रदेश के चार नए नवगठित जिलों—फलोदी, बालोतरा, डीडवाना-कुचामन और प्रतापगढ़ में नए केंद्रीय सहकारी बैंकों (CCB) के गठन की घोषणा किया जाना प्रस्तावित है। सहकारिता विभाग द्वारा इस संबंध में मुख्य नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।कभी जोधपुर केंद्रीय सहकारी बैंक की छत्रछाया में कार्य करने वाली फलोदी की सहकारी इकाइयाँ अब पूरी तरह आत्मनिर्भर होने को तैयार हैं। प्रशासनिक और भौगोलिक दृष्टि से देखें तो फलोदी का गठन 7 अगस्त 2023 को जोधपुर जिले से अलग करके किया गया था। लंबे समय से फलोदी में पृथक केंद्रीय सहकारी बैंक के गठन की मांग उठ रही थी।सहकारिता विभाग द्वारा करवाई गई सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, जोधपुर केंद्रीय सहकारी बैंक की कुल 18 शाखाओं में से 5 शाखाएं (फलोदी, बाप, देचू, आऊ और लोहावट) फलोदी जिले के अंतर्गत कार्यरत हैं। इसके अलावा, जोधपुर बैंक के कुल 308 पैक्स (PACS) में से 102 पैक्स फलोदी जिले में आते हैं। फलोदी क्षेत्र की समितियों की हिस्सा राशि कुल हिस्सा राशि का 38.51 प्रतिशत है, जो यहाँ के मजबूत सहकार आधार को बयां करती है।
आंकड़ों में झलकती बैंक की मजबूती और लाभप्रदता
फलोदी में प्रस्तावित केंद्रीय सहकारी बैंक केवल प्रशासनिक आवश्यकता ही नहीं, बल्कि वित्तीय आंकड़ों के लिहाज से भी पूरी तरह सक्षम है:
- ऋण वितरण: वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान फलोदी जिले की इन शाखाओं द्वारा कुल 15797.48 लाख रुपये का ऋण वितरण किया गया, जो संपूर्ण बैंक के ऋण वितरण का 33.62 प्रतिशत है।
- अमानतें: फलोदी क्षेत्र की शाखाओं में कुल अमानतें 12296.19 लाख रुपये दर्ज की गई है
- मुनाफा: फलोदी क्षेत्र की सभी 5 शाखाएं मुनाफे में हैं। वर्ष 2023-24 में इन सभी शाखाओं का कुल शुद्ध लाभ 296.27 लाख रुपये रहा है।
- वायबिलिटी: नाबार्ड की नीतियों के तहत निर्धारित ब्रेक इवन लेवल और प्रोजेक्टेड बैलेंस शीट के आधार पर नया फलोदी बैंक ‘पोटेंशियल वायेबिलिटी’ की श्रेणी में खरा उतरता है, जहाँ संचाई लाभ 1908.19 लाख रुपये आंका गया है।
सरकार के सहयोग से सुदृढ़ होगा नया ढांचा
नए बैंक के गठन के उपरांत इसके सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार के स्तर पर भी वित्तीय और ढांचागत सहायता का रोडमैप तैयार किया गया है। फलोदी के प्रधान कार्यालय की स्थापना के लिए निशुल्क या सस्ती दर पर भूमि आवंटन, भवन निर्माण, फर्नीचर और कंप्यूटर उपकरणों के लिए 350 लाख रुपये की नॉन-रिफंडेबल ग्रांट-इन-एड तथा प्रारंभिक वित्तीय सुदृढ़ता के लिए 500 लाख रुपये की राजकीय हिस्सा राशि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर विचार किया गया है
आरबीआई की बाधाओं के बीच राजनीतिक इच्छाशक्ति से मिल रही है राह
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा पिछले कई वर्षों से नए जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाई हुई है। पूर्व में भी कई प्रयास अटके थे, लेकिन केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के स्तर पर होने वाली इस घोषणा के बाद इन चारों नए जिलों में सहकारिता का ताना-बाना पूरी तरह मूर्त रूप ले सकेगा। फलोदी में पृथक बैंक के अस्तित्व में आने से न केवल प्रशासनिक और पर्यवेक्षणीय सुगमता आएगी, बल्कि क्षेत्र के किसानों और आमजन को अपने गृह जिले में ही आधुनिक बैंकिंग सेवाओं का बड़ा संबल प्राप्त होगा।


