सार
Alwar : 15 साल के लंबे इंतजार के बाद अलवर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के संचालक मण्डल चुनाव के परिणाम घोषित, कल होंगे बैंक के पदाधिकारी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव

विस्तार
अलवर । सहकारी जगत की ग्राउंड रिपोर्ट। 8 सितंबर। अलवर जिले में पूरे 15 साल के लम्बे और थका देने वाले इंतजार के बाद आखिरकार दी अलवर सैन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के संचालक मण्डल के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। चुनाव का बिगुल बजने के बाद से ही सहकारिता गलियारों में जो सरगर्मी तेज हुई थी, उसने अब परिणामों के साथ उत्साह का रूप ले लिया है। दिल्ली रोड स्थित झंकार होटल में निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में राजस्थान सहकारी सोसायटी नियम 2003 के नियम 45 के तहत संचालक मण्डल का आधिकारिक निर्वाचन परिणाम जारी कर दिया गया है, जिसके बाद से विजयी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में जश्न का माहौल है।
निर्वाचन अधिकारी के अनुसार इस कसमसाहट भरे चुनाव में कई दिग्गजों ने मैदान मार लिया है, तो कई जगह सर्वसम्मति का अनूठा नजारा भी देखने को मिला है। बड़खेड़ा जीएसएस से श्रीमती तीजो मीणा ने वार्ड संख्या 1 पर मैदान में निर्विरोध कब्जा जमाया, तो वहीं आदर्श रामगढ़ जीएसएस से वार्ड 2 से लक्ष्मण सिंह भी निर्विरोध चुने गए। चुनावी रण में उतरे बहादुरपुर जीएसएस वार्ड 3 से भरतलाल मीणा ने 38 वैध मत हासिल कर शानदार जीत दर्ज की, जबकि मथुराहेड़ा जीएसएस वार्ड 4 से बद्री प्रसाद ने 27 वोट पाकर अपने प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ा। टहला जीएसएस वार्ड 5 से श्रीमती सुमन देवी ने 25 मत हासिल कर अपनी जीत का परचम लहराया, और मैनपुर जीएसएस वार्ड 6 से इन्द्रजीत यादव ने कड़े मुकाबले में 40 वैध मत प्राप्त कर बोर्ड में अपनी सीट पक्की की।
इसके अलावा किशनगढ़बास जीएसएस वार्ड 7 से मोहरसिंह ने 42 मतों की बड़ी बढ़त के साथ जीत हासिल की, तो हसनपुरमाफी जीएसएस वार्ड 8 से नासिर खान ने 25 वोट पाकर बाजी अपने नाम की। तलवाना जीएसएस वार्ड 9 से रोहिताश्व यादव निर्विरोध चुने गए, जबकि बानसूर जीएसएस वार्ड 10 से रमेश चन्द यादव ने 24 वैध मत हासिल कर जीत का स्वाद चखा। अलवर केवीएसएस वार्ड 11 से संजय सिंह नरूका ने निर्विरोध इंट्री मारी और नंगलीमेघा महिला वार्ड 12 से श्रीमती रीता सेठी भी निर्विरोध निर्वाचित घोषित की गईं। इस प्रकार 15 साल के लंबे राजनीतिक वनवास के बाद बैंक की कमान संभालने के लिए चुने गए इन नए चेहरों से अब सहकारिता से जुड़े किसानों और पैक्स कर्मियों को खासी उम्मीदें बंध गई हैं कि बैंक की वित्तीय सेहत और कामकाज में एक नया सुधार देखने को मिलेगा।


