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नए सहकारिता अधिनियम में गृह निर्माण सहकारी समितियों पर अंकुश के लिए किये जाएंगे विशेष प्रावधान – नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री

सार 

नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि गृह निर्माण सहकारी समितियों का पंजियन सहकारिता अधिनियम के अंतर्गत किया जाता है। वर्तमान में पंजिकृत गृह निर्माण सहकारी समितियों की अनियमितता पर कार्रवाई करने का विशेष प्रावधान नियमों में नहीं है।

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विस्तार 

जयपुर, 7 मार्च। राज्य सरकार द्वारा नया सहकारिता अधिनियम बनाया जाना प्रक्रियाधीन है। इस अधिनियम में गृह निर्माण सहकारी समितियों पर अंकुश के लिए विशेष प्रावधान किये जाएंगे ताकि निजी कॉलोनाइजरों द्वारा की जाने वाली अनियमितताओं को रोका जा सके। नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि  निजी क्षेत्र में विकसित की जाने वाली कॉलोनियां स्थानीय निकाय से अनुमोदन के बिना ही विकसित कर दी जाती हैं। इनमें आवश्यक सुविधाएं भी नहीं होती, जिसका नुकसान आमजन को उठाना पड़ता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नवीन सहकारिता अधिनियम में गृह निर्माण सहकारी समितियों द्वारा विकसित की जाने वाली कॉलोनियों में समस्त आवश्यक सुविधाएं विकसित किया जाना अनिवार्य होगा तथा नियमों का उल्लंघन करने पर कठोर कार्यवाही के प्रावधान होंगे।
नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शुक्रवार को प्रश्नकाल में इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गृह निर्माण सहकारी समितियों का पंजियन सहकारिता अधिनियम के अंतर्गत किया जाता है। वर्तमान में पंजिकृत गृह निर्माण सहकारी समितियों की अनियमितता पर कार्रवाई करने का विशेष प्रावधान नियमों में नहीं है। उन्होंने जानकारी दी कि 1990 से 1998 की अवधि के मध्य विकसित की गई निजी कॉलिनियों की सम्पूर्ण जानकारी जेडीए और समस्त नगर निकायों को उपलब्ध कराई गई थी। साथ ही, इस जानकारी की एक बुकलेट छपवाकर आमजन को भी आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध करवाई जाती थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद ऐसी कार्यवाही दुबारा नहीं की गई।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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