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चारा डिपो के माध्यम से लघु एवं सीमांत कृषकों को मिलेगा अनुदानित दर पर चारा

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जालोर 26 मई। राज्य सरकार द्वारा जिले में काम्बा, आहोर, सांफाड़ा, पिजोपुरा व थलवाड ग्राम में चारा डिपो खोलकर लघु एवं सीमांत कृषकों को अनुदानित दरों पर चारा उपलब्ध करवाया जा रहा है।
जिला कलक्टर निशांत जैन ने बताया कि आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग जयपुर के निर्देशानुसार अभाव संवत् 2078 में अभावग्रस्त घोषित क्षेत्रों में लघु एवं सीमांत कृषकों को अनुदानित दर पर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से काम्बा, आहोर, सांफाड़ा, पिजोपुरा व थलवाड में चारा डिपो खोलने की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई हैं। इन चारा डिपो में चारा उपलब्ध करवाने के लिए अबोहर (पंजाब) से 385.8 क्विंटल चारा क्रय किया गया है जिसके लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर द्वारा आपदा प्रबंधन मद से उपलब्ध करवाई गई 4 लाख 82 हजार 250 रूपयों की राशि व्यय की गई।
उन्होंने बताया कि प्रशासनिक स्वीकृति के तहत चारा डिपो स्वीकृति किये जाने की दिनांक से अभाव अवधि तक प्रभावी होगा। यह लाभ केवल लघु एवं सीमांत कृषकों को दिया जायेगा। पशुओं की संख्या का आंकलन पशु गणना पर आधारित तथा संगत होना चाहिए। चारा डिपो पर केवल लघु एवं सीमांत कृषकों को उनके द्वारा संधारित पशुओं के अनुपात में चारा उपलब्ध करवाया जायेगा। चारा डिपो संचालित करने वाली संस्था को चारा परिवहन अनुदान लघु एवं सीमांत कृषकों को वितरित किऐ जाने वाले चारे पर ही उपलब्ध होगा। 50किमी से अधिक की दूरी से किये गये चारा परिवहन पर ही अनुदान देय होगा। आपदा प्रबंधन सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा जारी चारा परिवहन की दरों के अनुसार चारा परिवहन अनुदान देय होगा।  जिन लघु एवं सीमांत कृषकों द्वारा पशुओं को पशु शिविर में छोड़ दिया गया हैं उन्हें चारा अनुदान देय नहीं होगा। चारा परिवहन अनुदान, स्वीकृति दिनांक से अभाव अवधि 31 जुलाई, 2022 तक परिवहन एवं वितरित किये चारे पर ही देय होगा।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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