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ब्याज अनुदान का आंवटन नहीं होने से अटके वेतन-भत्ते

सार

पिछले एक साल से बकाया ब्याज अनुदान के चलते जिले की कई सहकारी समितियों के सामने कार्मिकों को वेतन चुकाने का संकट

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कार्यालय समय में बंद पड़ा हाड़ेतर सहकारी समिति का गोदाम

विस्तार

जालोर । डिजिटल डेस्क | 5 अप्रैल | जिले में केन्द्रीय सहकारी बैंक (CCB) के माध्यम से ग्राम सेवा सहकारी समितियों (PACS) द्वारा किसानों को अल्पकालीन फसली ऋण मुहैया कराया जाता है, वही, किसानों द्वारा समय पर ऋण का चुकारा करने पर 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान देय होता है। जिसमें से 3 प्रतिशत भारत सरकार और 4 प्रतिशत राज्य सरकार की ओर से दिया जाता है, लेकिन जिले में गत अप्रैल माह से फसली सहकारी ऋण वितरित पेटे देय ब्याज अनुदान की बकाया राशि का वित्तीय वर्ष 31 मार्च 2024 की समाप्ति तक आंवटन नहीं होने से सहकारी समितियों के कार्मिकों में रोष व्याप्त है। कार्मिकों का कहना हैं कि अल्पकालीन फसली ऋण का समय पर चुकारा करने पर मिलने वाले 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान क्लेम की राशि का अप्रैल 2023 से लगाकर अब तक आंवटन नहीं होने के चलते वेतन भत्ते नहीं मिलने से उनके सामने आजीविका चलाने का संकट उत्पन्न हो रहा है। वही, शीर्ष बैंक (RSCB) से लेकर सीसीबी (CCB) तक में अनुभवहीन आला अधिकारियों द्वारा पैक्स कम्प्यूटराईजेशन सहित अन्य कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने के लिए लम्बे-चौड़े पत्र प्रतिदिन जारी किए जा रहें है। जबकि सहकारी समितियों को देय ब्याज अनुदान के संबंध में राज्य सरकार व केंद्र सरकार द्वारा राशि आंवटन नहीं का रटा-रटाया जबाव अनुभवहीन अधिकारियों द्वारा देकर कर्तव्य से इतिश्री की जा रही हैं । गौरतलब हैं कि सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित होने वाले अल्पकालीन फसली सहकारी ऋण पर 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान देय हैं, जिसमें से 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान ग्राम सेवा सहकारी समितियों के बचत खाते में जमा किया जाता है एवं इस राशि से ही समितियां अपनी दैनिक आवश्यकताओं यथा कार्मिकों को वेतन भत्ते, ऑडिट फीस, संस्थापन व्यय किया जाता है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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