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सहकारी बैंकों को पर्याप्त पुनर्वित्त सुविधा उपलब्ध करवाएं नाबार्ड – आमेरा

सार 

Rajasthan : सहकार नेता सूरजभानसिंह आमेरा ने नाबार्ड से अपने प्राथमिक उद्देश्यों की समीक्षा करने की बात रखते हुए सहकारी आंदोलन से जुड़े सहकार जनों को नाबार्ड के स्थापना दिवस की दी बधाई

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नाबार्ड डीएमडी गोवर्धनसिंह रावत से मुलाकात करते सहकार नेता आमेरा  (File Photo Mkm News Rajasthan)

विस्तार 

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 12 जुलाई | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “विकसित भारत 2047” के निर्माण में सहकारिता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए “सहकारिता से समृद्धि” और “सहकारिता में सहकार” का ध्येय वाक्य दिया हैं, जिसमें नाबार्ड की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती हैं । ऐसा सहकार नेता सूरजभानसिंह आमेरा ने नाबार्ड के 44वें स्थापना दिवस पर सहकार जनों को बधाई देते हुए कहा हैं ।

दरअसल, राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (Nabard) की स्थापना देश में किसानों को पैक्स एवं सहकारी बैंक के माध्यम से सहकारी फसली ऋण सुविधा उपलब्ध करवाने के प्राथमिक उद्देशय के साथ 12 जुलाई 1982 को हुई, जिसकी याद दिलाते हुए सहकार नेता आमेरा ने नाबार्ड से सहकारी बैंकों को समुचित फसली ऋण पुनर्वित्त (Refinancing)सुविधा करवाने मांग दोहराते हुए कहा हैं कि देश में अल्पकालीन व दीर्घकालीन सहकारी साख आंदोलन की स्थिति पर नाबार्ड टीम अपने स्थापना दिवस पर उद्देश्यों प्राप्ति की समीक्षा करने की बात रखी हैं ।

क्योकि आज कई राज्यों में सहकारी भूमि विकास बैंक बंद होकर रह गए हैं और अधिकांश राज्यों में पैक्स व सीसीबी की स्थिति आशानुकूल नहीं के बराबर होकर रह गई हैं । इसके अलावा, आमेरा ने अल्पकालीन फसली ऋण की पॉलिसी विलंब घोषणा के बजाए फसल चक्र के समय ही घोषणा करने के साथ सहकारी बैंकों को 12 प्रतिशत पुनर्वित्त (Refinancing) की जगह पूर्ववृत्त की तरह 40 प्रतिशत पुनर्वित्त (Refinancing) सुविधा देने की मांग भी उठाई हैं ।

रियायाती ब्याज दर पर पुनर्वित्त

सहकार नेता आमेरा ने शीर्ष सहकारी बैंक को इकोनॉमिक लैंडिंग के नाम पर उच्च ब्याज दर पर पुनर्वित्त की स्थान पर रियायती दर पर अधिकाधिक पुनर्वित्त उपलब्ध कराने की मांग नाबार्ड से करते हुए कहा हैं कि सहकारी बैंकों में योग्य उचित प्रबंधकीय व्यवस्था व आर्थिक पारदर्शिता के लिए नाबार्ड को रिजर्व बैंक की अपेक्षानुरूप अपनी निरीक्षण जिम्मेदारी को प्रभावी करने की जरूरत हैं । क्योकि सहकारी बैंकों की आर्थिक सुदृढ़ता व प्रशासकीय कुशलता नाबार्ड निरीक्षण की मुख्य जिम्मेदारी है ।

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नाबार्ड के स्थापना दिवस पर कोटा सीसीबी सम्मानित (Mkm News Rajasthan)

स्थापना दिवस पर सम्मानित होने वाले को दी बधाई

राजस्थान में नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में कल स्थापना दिवस के उपलक्ष में कार्यक्रम में आयोजित किया गया । जिसमें प्रदेश की कोटा, चित्तौड़गढ़ और बीकानेर सीसीबी के साथ श्रीगंगानगर जिले की घमुड़वाली पदमपुर, कोटा जिले की बोरखेड़ा और नागौर जिले की निमोद ग्राम सेवा सहकारी समिति को सहकारिता क्षेत्र में सराहनीय सेवाओं के लिए पुरस्कृत किया गया ।

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नाबार्ड के स्थापना दिवस पर निमोद पैक्स सम्मानित (Mkm News Rajasthan)

जिसके उपरांत आज सहकार नेता ने सम्मानित होने वाली सीसीबी और पैक्स को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की सभी केंद्रीय सहकारी बैंकों के अधिकारियों एवं कार्मिकों सहित ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों और निर्वाचित संचालक बोर्ड सदस्यों को इनसें प्रेरणा लेनी चाहिए ।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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