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सहकारिता विभाग के अधिकांश जिला स्तरीय कार्यालय के पास भी नहीं हैं अपना भवन

सार 

Rajasthan assembly : भोपालगढ़ विधायक श्रीमती गीता बरवड़ द्वारा 16वीं विधानसभा के तृतीय सत्र में किया गया था तारांकित प्रश्न , सहकारिता विभाग ने दिया लिखित में प्रतिउत्तर

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File Photo – rajasthan assembly

विस्तार 

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 19 अगस्त | राजस्थान में सहकारिता विभाग को हर साल करोड़ों का बजट दिया जाता हैं । लेकिन सहकारिता विभाग के जिला स्तरीय कार्यालयों के निर्माण को लेकर कभी भी स्वीकृति जारी नहीं हो पाती हैं और नहीं स्थानीय स्तर पर जमीन आवंटन की कोई कवायद हो पाती हैं । जिससे सालों से जिला मुख्यालय पर सहकारिता विभाग के अधिकांश उप रजिस्ट्रार (DR) एवं सहायक रजिस्ट्रार (AR) कार्यालय किराए के भवनों में संचालित हो रहें हैं । दरअसल, विधायक (MLA) श्रीमती गीता बरवड़ ने राजस्थान में उप रजिस्ट्रार कार्यालयों के स्वयं के अथवा किराये के भवनों से संबंधित प्रश्न 16वीं विधानसभा (Assembly) के तृतीय सत्र में किया था, जिसके प्रतिउत्तर में सहकारिता विभाग द्वारा लिखित जवाब दिया कि राजस्थान में जिला मुख्यालय पर उप रजिस्ट्रार (DR) एवं सहायक रजिस्ट्रार (AR) के 41 कार्यालय संचालित हैं, इनमें से महज 16 के पास ही अपना भवन हैं । जबकि 25 सहायक/उप रजिस्ट्रार कार्यालय ऐसे हैं, जो किराये के भवन या केवीएसएस में तथा अन्य जगह संचालित किए जा रहें है। हालांकि सहकारिता विभाग की ओर से जालोर जिले के उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां कार्यालय भवन से संबंधित सूचना विधायक के मूल सवाल के जवाब में नहीं दी गई हैं ।

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जालोर जिले में संचालित उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां कार्यालय (File Photo – MKM News Rajasthan)

इन 16 कार्यालय के पास हैं अपना भवन

विधानसभा में भोपालगढ़ विधायक श्रीमती गीता बरवड़ के सवाल पर सहकारिता विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जैसलमेर, अजमेर, टोंक, नागौर, उदयपुर, राजसमन्द, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा और डूंगरपुर स्वयं के भवन में संचालित हैं । इसी प्रकार, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां जोधपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, कोटा, बारां, भरतपुर, दौसा का कार्यालय सहकार भवन में संचालित हो रहा हैं ।

इन 25 कार्यालय के पास नहीं भवन

विधानसभा के तारांकित प्रश्न के जवाब में सहकारिता विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां बाड़मेर, पाली, सिरोही, श्रीगंगानगर, चूरू, अनुपगढ़, बूंदी, झालावाड़, धौलपुर, खैरथल, अलवर, सवाई माधोपुर, करौली, ब्यावर, भीलवाड़ा, जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं, प्रतापगढ़ के अलावा सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां बालोतरा, फलौदी, डीग, कोटपुतली बहरोड़, सलूम्बर के पास अपना कार्यालय नहीं हैं ।

यह हैं प्रक्रिया

विधायक के मूल सवाल पर सहकारिता विभाग ने लिखित में बताया कि कार्यालय निर्माण के लिए इकाई रजिस्ट्रार स्तर से संबंधित जिला कलेक्टर से सहकार भवन के लिए भूमि आवंटित करवाने के उपरांत संबंधित अतिरिक्त रजिस्ट्रार खण्ड की अनुशंषा सहित प्रस्ताव प्राप्त होने एवं तत्समय उपलब्ध बजट के आधार पर निर्माण की स्वीकृति की कार्यवाही की जाती हैं।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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