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सहकारिता विभाग का बड़ा कदम: राजस्थान में मिनी बैंकों का होगा औचक निरीक्षण, गबन पर होगी सख्त कार्रवाई..?

सार 

Rajasthan सहकारिता विभाग का बड़ा कदम: वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राज्य की ग्राम सेवा सहकारी समितियों के मिनी बैंकों का होगा औचक निरीक्षण

विस्तार 

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​जयपुर | प्रदेश डेस्क 27अगस्त|प्रदेश की सहकारी समितियों में वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने और गबन व धोखाधड़ी के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सहकारिता विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की समस्त ग्राम सेवा सहकारी समितियों (पैक्स) के मिनी बैंकों का अनिवार्य रूप से औचक निरीक्षण किया जाएगा।यह निरीक्षण ब्लॉक सहकारी निरीक्षक और संबंधित केंद्रीय सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अमानतें, विनियोग, ऋण वितरण, और कुल वितरित ऋणों के 10 प्रतिशत हिस्से का भौतिक सत्यापन मुख्य बिंदुओं में शामिल रहेगा। इसके अलावा, पैक्स कंप्यूटराइजेशन की वस्तुस्थिति की रिपोर्ट भी देनी होगी। चयन का मुख्य आधार समितियों की अधिकतम अमानतें होंगी। निरीक्षण रिपोर्ट तीन दिवस के भीतर संबंधित अधिकारियों को प्रस्तुत करनी होगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता या गंभीर आक्षेप सामने आने पर राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2001 के तहत तुरंत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। खण्डीय और राज्य स्तर पर इन निरीक्षण कार्यों की नियमित मासिक समीक्षा की जाएगी ताकि व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे और किसानों व सदस्यों के हितों की सुरक्षा हो सके।  

संयुक्त टीमों द्वारा होगा औचक निरीक्षण

राज्य की बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋणदात्री सहकारी समितियों (मिनी बैंकों) में वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए ब्लॉक सहकारी निरीक्षक और केंद्रीय सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक की संयुक्त टीम हर महीने दो समितियों का औचक निरीक्षण करेगी। निरीक्षणकर्ता अधिकारियों को चयनित समिति की रिपोर्ट कार्य समाप्ति के तीन दिन के भीतर उप रजिस्ट्रार और प्रबंध निदेशक को प्रेषित करनी होगी। गंभीर आक्षेप मिलने पर तुरंत लिखित सूचना देनी होगी। 

​अधिनियम के तहत होगी सख्त कार्रवाई

औचक निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी समिति में गबन, धोखाधड़ी या वित्तीय गड़बड़ी का प्रकरण परिलक्षित होता है, तो संबंधित जिले के उप रजिस्ट्रार और केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक द्वारा राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2001 के अंतर्गत आवश्यक और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, खण्डीय और राज्य स्तर पर इसकी हर महीने नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी। 

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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