Home जालोर सहकारी क्षेत्र में शत-प्रतिशत खाद आपूर्ति का आदेश बना महज कागजी

सहकारी क्षेत्र में शत-प्रतिशत खाद आपूर्ति का आदेश बना महज कागजी

सार 

Jalore : ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs) में खाद उपलब्ध नहीं होने से किसान सहकारी समितियों के बिक्री केन्द्र के चक्कर लगाने पर मजबूर

विस्तार 

जालोर । डिजिटल डेस्क | 21 सितम्बर | जिले में बरसात के बाद किसानों के लिए खाद की आवश्यकता बढ़ गई है और किसानों को सहकारी क्षेत्र से खाद नहीं मिल पा रहा हैं । जिससे किसान एवं सहकारी समितियों के कार्मिक हैरान-परेशान है। जिले में ग्राम सेवा सहकारी समितियों (Pacs) में खाद उपलब्ध नहीं होने से किसान सहकारी समितियों के बिक्री केन्द्र के चक्कर लगाने पर मजबूर है। यहां पर खाद नहीं मिलने पर बहुत से किसान तो मायूस होकर लौट जाते हैं। जब नामचीन कंपनी इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर को-ऑपरेटिव लिमिटेड (IFFCO) एवं कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड (KRIBHCO) की रैंक लगती हैं, तो जिले में पदस्थ कृषि विभाग के अधिकारियों की सह पर निजी क्षेत्र के विक्रेताओं को सर्वाधिक खाद की आपूर्ति कर दी जाती हैं और सहकारी संस्थाएं हाथ मलती रह जाती हैं । जबकि इस साल अच्छी बारिश के कारण ज्यादा बुवाई से खाद की मांग बढ़ती जा रही है। खाद न होने पर कई सहकारी समिति के बिक्री केन्द्रों पर तो ताला ही लटका है। कुछ केन्द्रों के किसानों ने कहा कि उन्हें डीएपी व यूरिया के साथ जबरन खाद की बोतल भी दी जा रही हैं। जहां कृषि आयुक्तालय ने डीएपी एवं यूरिया के साथ जबरन अन्य टैंगिग उत्पाद पर रोक लगा रखी हैं, लेकिन सहकारी समितियों को टैंगिग उत्पाद लेने पर ही खाद दी जा रही हैं । हालांकि प्रदेश की अधिकांश पैक्स-लैम्पस पर ‘प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र’ केवल पोस्टर एवं बैनर से अटे पड़े हैं । जब कोई भूला बिसरा किसान इन किसान समृद्धि केंद्र की ओर से रुख करता हैं, तो उन्हें खाद के स्थान केवल निराशा ही हाथ आती हैं । 

सहकारी क्षेत्र में शत-प्रतिशत आपूर्ति के निर्देश

राजस्थान के कृषि आयुक्तालय के संयुक्त निदेशक कृषि आदान नवल किशोर मीना ने इफको एवं कृभको के राज्य प्रबंधक को सहकारी क्षेत्र में शत-प्रतिशत उर्वरक आपूर्ति के लिए निर्देशित किया । लेकिन जिलों में खाद की रैंक आने और सहकारी क्षेत्र को खाद आपूर्ति के नाम पर यह आदेश महज एक कागजी आदेश साबित होकर रह गया हैं । जिले में इस समय डीएपी का खासा संकट है। जिससे किसान परेशान है। सुबह से शाम तक किसान समितियों में बैठे रहते है। इसके बाद भी निराश होकर घर लौट जाते है। जिले में कृषि विभाग, इफको एवं कृभको की मनमाफिक उर्वरक आपूर्ति के चलते सहकारी समितियों के कार्मिकों को भी खासी परेशानी हो रही हैं ।

प्रकाश वैष्णव 25 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं । सर्वप्रथम साप्ताहिक समाचार पत्र जय सत्यपुर से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कर लोक सूचना एवं क्षेत्र का साथी समाचार पत्र में सेवा दी । उसके बाद पिछले कई सालों से मारवाड़ का मित्र हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र का संचालन निरंतर कर रहें हैं ।

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