केन्द्रीय सहकारी बैंकों में कर्मचारियों एवं अधिकारियों की कमी : आमेरा

  • जनवरी 2019 से देय 16 वां वेतन समझौता मांग पत्र पर वार्ता करने व रिक्त पदों पर भर्ती की मांग
    सहकारी बैंक कर्मियों का जिला स्तरीय सम्मेलन सम्पन्न
जिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रान्तीय महासचिव सूरजभानसिंह आमेरा

जालोर । डिजिटल डेस्क I 5 जून I ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन जालोर एवं ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्पलाइज यूनियन के संयुक्त आह्वान पर सहकारी बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों का जिला सम्मेलन रविवार को नागणेश्वरी माताजी मन्दिर परिसर में संगठन के जिलाध्यक्ष महेन्द्रसिंह राव व रविवर्धनसिंह की अध्यक्षता सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में जिले की 13 शाखाओं एवं प्रधान कार्यालय से कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि ऑल इण्डिया को-ऑपरेटिव बैंक फेडरेशन के राष्ट्रीय सचिव एवं ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्पलाइज यूनियन व ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रान्तीय महासचिव सूरजभानसिंह आमेरा का स्वागत के पश्चात सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रान्तीय महासचिव सूरजभानसिंह आमेरा ने कहा कि जनवरी 2019 से राज्य के सहकारी बैंक कर्मियों को देय 16वां वेतन समझौते के मांग पत्र पर वार्ता कर समझौता सम्पन्न करने की मांग की गई है।

कार्मिकों की सेवा सुरक्षा में खतरा पैदा हो रहा : आमेरा

आमेरा ने सहकारी बैंकों में बायोमेट्रिक सीबीएस लागू करने के बाद बैंकिंग शाखाओं के संचालन के लिए 2013 की स्वीकृत स्टाफ स्ट्रेन्थ में बढ़ोतरी कर रिक्त पड़े पदों पर तत्काल भर्ती की जरूरत बताई। केन्द्रीय सहकारी बैंकों में कर्मचारियों एवं अधिकारियों की कमी है। जिसके चलते बैंकिंग शाखाओं को चलाना संभव नहीं हो रहा है एवं कार्मिकों की सेवा सुरक्षा में खतरा पैदा हो रहा है। जालोर जिले में वर्ष 2013 की स्वीकृत स्टाफ स्ट्रेन्थ 118 कार्मिकों के मात्र 51 कर्मचारी ही काम कर रहे है। जिससे किसानो व ग्राहको को सहकारी फसली ऋण व बैंकिंग सुविधा उपलब्ध करवाना संभव नहीं रहा है। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री से सहकारी बैंक कर्मियों के लिए भी सेवानिवृति पर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) सुविधा लागू किए जाने तथा सहकारी बैंकों के सेवानिवृत कर्मचारियों एवं अधिकारियों को आरजीएचएस मेडिकल सुविधा/ चिरंजीवी बीमा योजना का लाभ लागू किए जाने की मांग रखी।

क्षतिपूर्ति ब्याज अनुदान सुविधा बंद का निर्णय बैंक विरोधी

सम्मेलन में भारत सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2022-23 से केन्द्रीय सहकारी बैंकों को फसली ऋण वितरण पर देय 2 प्रतिशत क्षतिपूर्ति ब्याज अनुदान सुविधा बंद किए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्णय को किसान एवं सहकारी बैंक विरोधी बताया। जिससे राज्य के केन्द्रीय सहकारी बैंकों को लगभग 200 करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान होगा। जिससे किसानों के फसली ऋण वितरण सुविधा बाधित होगी।

इन्होने भी किया सम्मेलन को संबोधित

सम्मेलन में जयपुर से मनीश गंगवार, मनोज मीणा एवं हेमन्त वर्मा की मौजूदगी में जिला सम्मेलन को संगठन के जिला सचिव चेनाराम परिहार, विवेक उपाध्याय, विसाराम चौहान, पुखराज आर्य, कंचल खण्डेलवाल, नेहा सोनगरा, मोटाराम चौधरी, मोहित दवे, रूपेश कुमार मिश्रल, रविन्द्र प्रताप सिंह राठौड़, नवीन कुमार सक्सेना, सुशील कौशिक एवं गगन मीणा ने संबोधित किया। वही, जिला सम्मेलन को सफल बनाने के लिए शांतिलाल सोनी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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