हाइलाइट्स
खरीफ सीजन 2023 में लिये गये फसली ऋण की अंतिम देय तिथि बढ़ी

जालोर 6 जून। केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड जालोर की सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियों के अल्पकालीन फसली ऋणी सदस्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा खरीफ सीजन-2023 में लिये गये फसली ऋण की अंतिम देय तिथि को बढ़ाकर ऋण लेने की तिथि से 12 माह अथवा 30 जून, 2024 (जो भी पहले हो) निर्धारित की गई है। ऋणी सदस्य देय तिथि से पूर्व अपना बकाया अल्पकालीन ऋण जमा करवाकर ब्याज अनुदान का लाभ उठा सकते हैं। दी जालोर सेण्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि. के प्रबंध निदेशक ओमपाल सिंह भाटी ने बताया कि ऐसे कृषक सदस्य जिनके ऋण लेने की दिनांक से 12 माह पूर्ण हो रह हैं, वे अपना बकाया ऋण संबंधित समिति में शीघ्र जमा करावें साथ ही ऐसे कृषक सदस्य जिनके द्वारा खरीफ 2023 में फसली ऋण लिया गया हैं, वे कृषक सदस्य निर्धारित समयावधि 30 जून, 2024 का इंतजार नहीं करते हुए अपना ऋण जमा करावें ताकि राज्य सरकार द्वारा देय 4 प्रतिशत एवं भारत सरकार द्वारा देय 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ उन्हें प्राप्त हो सकें।
साख सीमा का नवीनीकरण करवाकर प्राप्त करें ऋण
प्रबंध निदेशक ओमपाल सिंह भाटी ने ब्याज मुक्त फसली ऋण योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सहकारी ऑनलाइन फसली ऋण वितरण प्रणाली के अन्तर्गत जिन कृषक सदस्यों के फसली ऋण साख सीमा 1 अप्रेल, 2019 से 31 मार्च, 2020 की अवधि में स्वीकृत हुई हैं, ऐसे कृषक सदस्यों के स्वीकृत फसली ऋण साख सीमा का दिनांक 30 जून, 2024 से पूर्व नवीनीकरण करवाया जाना आवश्यक है। ऐसे कृषक सदस्य संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक से सम्पर्क स्थापित कर साख सीमा का नवीनीकरण करवाकर पुनः ऋण प्राप्त करें।
निर्धारित तिथि तक ऋण जमा करवाकर अवधिपार (डिफॉल्टर) होने से बचें
प्रबंध निदेशक ने बताया कि ऋणों का चुकारा करने पर ही किसानों को राज्य सरकार द्वारा देय 4 प्रतिशत एवं भारत सरकार द्वारा देय 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ प्राप्त होगा साथ ही जो कृषक सदस्य देय निर्धारित तिथि तक बकाया ऋण जमा करवायेंगे, वे अवधिपार (डिफॉल्टर) होने से बच जायेंगे एवं चालू खरीफ 2024 में पुनः ऋण प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने फसली ऋण के सभी कृषक सदस्यों को सूचित किया है कि यदि ऋणी कृषक सदस्य द्वारा निर्धारित देय तिथि तक ऋण नहीं चुकाने से ऋण अवधिपार होने की स्थिति में उन्हें 4 एवं 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान की छूट प्राप्त नहीं होगी। ऋण अवधिपार हो जाने पर कृषक से ऋण वितरण की दिनांक से ब्याज वसूल किया जायेगा तथा वे कृषक पुनः प्राप्त करने के लिए पात्रता नहीं रखेंगे। उन्होंने सभी ऋणी सदस्यों से आग्रह किया हैं कि वे बकाया अल्पकालीन फसली ऋण का चुकारा निर्धारित अंतिम तिथि से पूर्व अपना ऋण यथाशीघ्र जमा करावें।


