सार
जालोर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की 65वीं व 66वीं आमसभा में वित्तीय प्रगति और उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम सेवा सहकारी समितियों (PACS) के अध्यक्षों एव व्यवस्थापको को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में किसानों के आर्थिक उत्थान और सहकारिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
विस्तार
जालोर | जिला डेस्क 29 सितंबर |कृषि बाहुल्य जालोर जिले में सहकारी आंदोलन (Cooperative Movement) लगातार नए आयाम छू रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मजबूत हो रही है। इसी कड़ी में दी जालोर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (Jalore Central Co-operative Bank Limited), जालोर की 65वीं एवं 66वीं वार्षिक आमसभा बैंक के प्रधान कार्यालय (Head Office) के सभा भवन में आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला कलेक्टर एवं प्रशासक (District Collector & Administrator) डॉ. प्रदीप गावंडे ने अपने प्रशासनिक उद्बोधन के माध्यम से बैंक के वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 की प्रगति का लेखा-जोखा पेश किया, जिसने जिले के किसानों और ग्रामीण अंचल में नई उम्मीदें जगाई हैं।
आमसभा के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, बैंक की वित्तीय स्थिति खासी मजबूत हुई है। बैंक की हिस्सा राशि वर्ष 2024-25 में 4,125.51 लाख रुपए से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 4,428.95 लाख रुपए तक पहुंच गई है। इसके साथ ही, सुरक्षित एवं अन्य कोष क्रमशः 12,576.15 लाख और 12,899.77 लाख रुपए दर्ज किए गए हैं। कृषि प्रधान जिले में किसानों को वित्तीय संबल प्रदान करने के उद्देश्य से बैंक का ऋण वितरण वर्ष 2024-25 में 82,300.00 लाख रुपए रहा, जो वर्ष 2025-26 में 80,500.00 लाख रुपए दर्ज किया गया। हालांकि, किसानों की जागरूकता और बैंक के प्रयासों से ऋण वसूली (Loan Recovery) में सुधार देखा गया है, जो क्रमशः 93.25 प्रतिशत और 89.98 प्रतिशत रही। बैंक की कार्यशील पूंजी (Working Capital) भी 98,789.66 लाख रुपए से बढ़कर 104.86 करोङ (1,04,860.81 लाख रुपए) पर पहुंच गई है।
जिला कलेक्टर एवं प्रशासक डॉ. गावंडे ने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे कतिपय मामलों में रही कमियों को दूर कर विशेष प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक ग्राम स्तर पर सभी प्रकार की वित्तीय और बैंकिंग सुविधाएं (Banking Facilities) सहकारी बैंकों तथा ग्राम सेवा सहकारी समितियों (PACS) के माध्यम से समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ किसानों को मिलनी चाहिए। कार्यक्रम के अंत में बैंक के प्रबंध निदेशक (Managing Director) नारायणसिंह चारण ने सभी सम्मानित सदस्यों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी सुभाषचंद्र जीनगर और बैंकिंग सहायक मोहित दवे ने किया। इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जिले में सहकारी आंदोलन किसानों के आर्थिक उत्थान का सबसे बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। बैठक में उप रजिस्ट्रार सुनील वीरभान, अधिशाषी अधिकारी भवानीसिंह कविया समेत बैंक के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम सेवा सहकारी समितियां सम्मानित, सहकारिता से संवर रहा ग्रामीण अंचल
दी जालोर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की आमसभा सिर्फ वित्तीय आंकड़ों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें कृषि बाहुल्य जिले में ग्रामीण विकास और सहकारिता को बढ़ावा देने वाले मेहनतकश कार्यकर्ताओं और संस्थाओं का अभूतपूर्व सम्मान भी हुआ। बैंक के प्रबंध निदेशक एवं राज्य सहकारिता सेवा (State Cooperative Service) के वरिष्ठ अधिकारी नारायणसिंह चारण ने गत वार्षिक साधारण सभा (दिनांक 25.03.2025) की कार्यसूची की पुष्टि के साथ-साथ वर्ष 2024-25 और 2025-26 के वार्षिक प्रतिवेदन, संतुलन चित्र, लाभ-हानि खाते, बजट निर्धारण और ऑडिट अनुपालना का अनुमोदन सदन से कराया।समारोह के दौरान बैंक की शाखाओं (Branches) के अधीन आने वाली उन ग्राम सेवा सहकारी समितियों (GSS) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान वसूली और व्यवसाय में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अमानत वृद्धि और ऋण वसूली में प्रथम तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली समितियों के अध्यक्षों को साफा पहनाकर, तथा व्यवस्थापको प्रशस्ति पत्र (Certificate) और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। इस दौरान सियाणा जीएसएस के अध्यक्ष प्रदीपसिंह देवड़ा, नौसरा जीएसएस के अध्यक्ष राजवीरसिंह देवड़ा, सहित विभिन्न समितियों के अध्यक्ष और पदाधिकारी मौजूद रहे।


