Home जयपुर राजस्थान उच्च न्यायालय ने सहकारी समिति में संविदा कर्मचारी की नियुक्ति वाले आदेश पर लगाई रोक

राजस्थान उच्च न्यायालय ने सहकारी समिति में संविदा कर्मचारी की नियुक्ति वाले आदेश पर लगाई रोक

सार 

Jaipur : ग्राम सेवा सहकारी समितियों में संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए सहकारिता विभाग पंजीयक (Registrar) कार्यालय के अतिरिक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग) की ओर से 21 नवंबर 2024 को जारी आदेश पर राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर बेंच ने 3 फरवरी 2025 को लगाई रोक, जबकि कई ग्राम सेवा सहकारी समितियों में संविदा कार्मिक को व्यवस्थापक बनाने की चल रही थी मशक्कत

विस्तार 

जयपुर । डिजिटल डेस्क | 25 अप्रैल | प्रदेश में ग्राम सेवा सहकारी समिति (Pacs-Lamps) में व्यवस्थापक के रिक्त पद पर संविदा कर्मचारी की नियुक्ति को लेकर सहकारिता विभाग पंजीयक (Registrar) कार्यालय के अतिरिक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग) की ओर से 21 नवंबर 2024 को जारी आदेश पर राजस्थान उच्च न्यायालय (High Court) की जयपुर खंडपीठ ने स्थगन (Stay) आदेश जारी किया हैं, दरअसल, शारदा कुमारी द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय (High Court) में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ में अधिवक्ता ने बताया कि कृषि ऋण सहकारी समिति (Pacs) एवं बहुउद्देश्यीय कृषि सहकारी समितियां (Lamps) कर्मचारी भर्ती, चयन एवं सेवा नियम 2022 के नियम 7 के तहत निर्धारित व्यवस्थापक और सहायक के पद के लिए अपेक्षित योग्यताएं हैं। जिनमें राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री, के अलावा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कृषि स्नातक या MBA डिग्री धारकों को वरीयता देकर बोनस के रूप में 10 अंक मिलने के साथ, व्यवस्थापक पद के लिए कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान होना अनिवार्य है, जिसके लिए उम्मीदवार को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता के लिए RS-CIT उत्तीर्ण होने का प्रावधान हैं । याचिका में कहा गया कि अपेक्षित योग्यताओं और 2022 के सेवानियमों को दरकिनार करते हुए, केवल कार्यभार के बोझ को कम करने के लिए संविदात्मक नियुक्तियों पर विचार किया गया हैं, ऐसे में इस कार्रवाई को वैध नहीं माना जा सकता हैं, जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने 21 नवंबर 2024 के आदेश पर 3 फरवरी 2025 को स्थगन आदेश जारी कर याचिका की एक प्रति A.G.C. पदम सिंह गुर्जर को उपलब्ध कराने और सहकारिता विभाग पंजीयक एवं पंजीयक कार्यालय के अतिरिक्त रजिस्ट्रार (बैंकिंग) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया हैं। मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई 2025 को होगी ।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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