सार
Jaipur : सहकारिता विभाग ने सहकारी बैंक अधिकारी एवं कर्मचारियों के सेवानियम तैयार करने के लिए बनाई थी कमेटी, जो ऋण पर्यवेक्षक के पद की स्थिती अब तक नहीं कर पाई स्पष्ट, अब विभाग ने विधानसभा में विधायक के सवाल पर बताया कि व्यवस्थापक से ऋण पर्यवेक्षक पद पर पदोन्नति का नियमों में नहीं प्रावधान

विस्तार
जयपुर । डिजिटल डेस्क | 8 फरवरी | प्रदेश की केंद्रीय सहकारी बैंक (CCB) में ऋण पर्यवेक्षक (L.S) का पद स्टाफ स्ट्रेन्थ के अनुसार सृजित बताया जा रहा हैं, इस पद पर कई सालों से भर्ती नहीं हो पाई, विभाग में इस पद को लेकर “अंधेर नगरी चौपट्ट राजा टके सेर भाजी टके सेर खाजा” वाली स्थिती बनी हुई, एक ओर राजस्थान की सबसे बड़ी पंचायत विधानसभा में सहकारिता विभाग संयुक्त शासन सचिव से प्रमाणित करवाकर विभाग यह जानकारी दे रहा हैं कि व्यवस्थापक से ऋण पर्यवेक्षक (L.S) पद पर पदोन्नति का नियमों में कोई प्रावधान नहीं हैं, तो दूसरी ओर केंद्रीय सहकारी बैकों (CCB) में व्यवस्थापक को उपकृत करने के लिए कार्यवाहक ऋण पर्यवेक्षक (L.S) बनाया जा रहा हैं, विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार केंद्रीय सहकारी बैंकों में नए सेवानियम बनाने के लिए एक कमेटी बनी, उसमें इस पद को लेकर चर्चा हुई, हालांकि इस पद की स्थिती कमेटी अभी तक स्पष्ट नहीं कर पाई,
वही प्रदेश में 29 केंद्रीय सहकारी बैंक में 381 ऋण पर्यवेक्षक के पद रिक्त है, इन पदों पर सीसीबी कार्यक्षेत्र की ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापक को कार्यवाहक ऋण पर्यवेक्षक बनाकर कार्य करवाया जाने के लिए यात्रा भत्ता और अतिरिक्त भत्ता देकर नवाजा जा रहा हैं, इस पद का आलम यह हैं कि सीसीबी बैंक प्रबंधन अपनी सुविधा अनुसार ग्राम सेवा सहकारी समितियों में उनके चहेते व्यवस्थापक को कार्यवाहक ऋण पर्यवेक्षक बनाकर उलटा संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति का कार्य बाधित करने में अहम भूमिका अदा कर रहा है। जबकि कार्यवाहक ऋण पर्यवेक्षक बनाने वाले व्यवस्थापक की नियोक्ता केवल पैक्स-लैम्पस होने का ढिंढोरा सहकारिता विभाग सालों-साल से पीट रहा है।
ऋण पर्यवेक्षक के 381 पद रिक्त
सहकारिता विभाग से प्राप्त आंकड़ो के मुताबिक प्रदेश की 29 केंद्रीय सहकारी बैंकों में 381 ऋण पर्यवेक्षक के पद रिक्त है। जिसमें सर्वाधिक पाली में 27, जयपुर में 22, श्रीगंगानगर में 21, बाड़मेर में 19, जोधपुर में 17, हनुमानगढ़ में 14, कोटा में 9, बांरा में 9, बूंदी में 11, झालावाड़ में 13, अजमेर में 13, टोंक में 8, नागौर में 14, भीलवाड़ा में 16, दौसा में 1, सीकर में 20, झुंझुनू में 13, भरतपुर में 14, अलवर में 9, सवाई माधोपुर में 13, उदयपुर में 16, चित्तौड़गढ में 17, बांसवाड़ा में 9, डूंगरपुर में 9, जैसलमेर में 8, जालोर में 12, सिरोही में 9, बीकानेर में 9, चूरू में 9 पद ऋण पर्यवेक्षक के रिक्त पड़े है। इन पदों पर ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापकों को कार्यवाहक बनाया हुआ हैं ।


