सहकारी आन्दोलन की मजबूती की दिशा में मंत्रालय का गठन मील का पत्थर – सहकारिता मंत्री

सार 

Jaipur : भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के चतुर्थ स्थापना दिवस पर राजस्थान सहकारी शिक्षा एवं प्रबंध संस्थान (राइसेम) में आयोजित हुआ राज्य स्तरीय समारोह, साथ ही हरियालो राजस्थान एवं एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण कर अधिक से अधिक संख्या में पेड़ लगाने का दिया संदेश 

विस्तार 

जयपुर, 6 जुलाई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सहकारिता के महत्व को समझते हुए 6 जुलाई, 2021 को सहकारिता मंत्रालय का गठन किया, जो देश में सहकारी आन्दोलन को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक मील का पत्थर है।  मंत्रालय के गठन के बाद विगत वर्षों में देश-प्रदेश में सहकारिता का महत्व काफी बढ़ा है। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि सहकारी आन्दोलन को अधिक मजबूत करने के लिए हमें पैक्स स्तर तक संचालक मंडल को मजबूती प्रदान करनी होगी। 
श्री दक रविवार को राजस्थान सहकारी शिक्षा एवं प्रबंध संस्थान (राइसेम) में सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के चतुर्थ स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह सहकारिता का दायरा बढ़ाकर प्रत्येक आम आदमी को इससे जोड़ना चाहते हैं। मंत्रालय द्वारा ‘सहकार से समृद्धि’ योजना के अंतर्गत 61 पहलें क्रियान्वित की जा रही हैं, जिनसे सहकारी क्षेत्र निरन्तर सशक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए सहायता में कोई कमी नहीं रखी जा रही है। 

 
सहकारिता मंत्री ने कहा कि हमें और अधिक प्रयास करते हुए सहकारिता का दायरा बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। इसके अंतर्गत केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा नई शाखाएं खोलने के साथ ही अकृषि ऋण वितरित करने की शुरूआत की जा सकती है। विश्व की सबसे बड़ी विकेन्द्रीकृत अन्न भण्डारण योजना के तहत अधिक से अधिक गोदामों का निर्माण कर उन्हें किराये पर दिया जा सकता है।  एनसीसीएफ, नैफेड और एफसीआई जैसी संस्थाएं इन गोदामों को किराये पर लेने के लिए तत्पर हैं। श्री दक ने सहकारी भूमि विकास बैंकों के ऋणी सदस्यों के लिए एकमुश्त समझौता योजना शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को पुनर्जीवित करने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि योजना को लेकर उत्साह का माहौल है और अब तक लगभग 250 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। वही, सहकारिता मंत्री एवं प्रमुख शासन सचिव सहित अन्य अधिकारियों ने इस अवसर पर हरियालो राजस्थान एवं एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण कर अधिक से अधिक संख्या में पेड़ लगाने का संदेश दिया। राइसेम के निदेशक श्री रणजीत सिंह चूड़ावत ने अपने स्वागत उद्बोधन में सहकारिता को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए और अधिक मजबूती से कार्य करने पर जोर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में सहकारिता विभाग के अधिकारीगण एवं सहकारजन कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

खामियों को दूर किए जाने की आवश्यकता

सहकारिता मंत्री ने कहा कि नवीन पैक्स के गठन के मामले में राज्य देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य में 300 पैक्स के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 850 यानि लगभग तीन गुना पैक्स का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि शेष रही सभी ग्राम पंचायतों में 2 वर्ष में नवीन पैक्स गठित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन इसे एक वर्ष में ही पूरा करने के प्रयास किए जाएं। प्रत्येक पैक्स द्वारा न्यूनतम 5 एक्टिविटी आवश्यक रूप से संचालित की जाए। उन्होंने घाटे में चल रही कुछ प्रतिष्ठित सहकारी संस्थाओं को इससे उबारने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इस संबंध में हमें आत्म विश्लेषण करने की जरूरत है।
साथ ही, सहकारिता मंत्री ने कहा कि लोगों का विश्वास सहकारी संस्थाओं पर और अधिक सुदृढ़ हो, इसके लिए उनमें पारदर्शिता लाए जाने तथा खामियों को दूर किए जाने की आवश्यकता है और इस दिशा में कई महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। सहकारी समितियों की आमसभा आवश्यक रूप से सम्पन्न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी माह से प्रत्येक जिले का दौरा कर पैक्स के संचालक मंडल के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित करने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों से अपनी भूमिका और जिम्मेदारी को अच्छी तरह से समझते हुए सहकारी आन्दोलन की बेहतरी के लिए पूरे मनोयोग से कार्य करने का आह्नान किया। 

आमसभा से वंचित नहीं रहे कोई भी सहकारी समिति 

सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां श्रीमती मंजू राजपाल ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस एवं सहकारिता मंत्रालय के स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर इस बात का आंकलन करने का है कि हम किन अपेक्षाओं पर खरा उतरे और कहां पीछे रह गए। उन्होंने कहा कि राज्य में ‘सहकार से समृद्धि’ की पहलों को क्रियान्वित करने के अलावा भी कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। यहां किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के साथ ही मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि भी प्रदान की जा रही है।
वहीं, राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत इस वर्ष अतिरिक्त 2.50 लाख पात्र गोपालक परिवारों को लाभान्वित किया जाना है। एकमुश्त समझौता योजना के अंतर्गत सहकारी भूमि विकास बैंकों के अवधिपार ऋणी सदस्यों द्वारा केवल ऋण की मूल राशि चुकाने पर ब्याज की पूरी राशि माफ की जा रही है। सहकारी समितियों में पारदर्शिता के लिए पैक्स कम्प्यूटराइजेशन की दिशा में भी राज्य निरन्तर आगे बढ़ रहा है। श्रीमती राजपाल ने कहा कि सभी योजनाओं की क्रियान्विति की दिशा में हम अच्छा कार्य कर रहे हैं और फील्ड से भी इसमें पूरा सहयोग मिल रहा है। लेकिन जहां गैप्स हैं, वहां और ज्यादा मजबूती से काम कर उन्हें दूर किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जो पैक्स गो-लाइव हो चुकी हैं, उनकी ई-ऑडिट आवश्यक रूप से सम्पन्न हो तथा कोई भी सहकारी समिति आमसभा से वंचित नहीं रहे।

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