
जयपुर । डिजिटल डेस्क I 19 दिसम्बर I आज के समय में किसानों को फसल बुआई से लेकर कटाई तक कृषि यंत्रों की आवश्यकता होती है परन्तु कृषि यंत्रों की कीमतें अधिक होने के चलते सभी किसान कृषि यंत्र नहीं खरीद सकते हैं । ऐसे में सभी किसानों को कृषि यंत्रों का लाभ मिल सके इसके लिए सरकार द्वारा बजट घोषणा 2022-23 के अनुसार 2 वर्षो में 1500 कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थापना की जाएगी। जहाँ से किसान सस्ते में किराये पर कृषि यंत्र ट्रेक्टर, हल, रोटावेटर, ट्रॉली, थ्रेसर, सहित अन्य उपकरण ले सकते हैं । प्रदेश में फसल चक्रों में इस्तेमाल होने वाले कृषि यंत्र किसानों को आसानी से किराए पर उपलब्ध हो सके। इसके लिए सहकारिता विभाग के पंजीयक ने चयनित 227 जीएसएस/केवीएसएस में कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए स्वीकृति जारी की है। इन समितियों पर किसानों को वाजिब किराए पर ट्रेक्टर, हल, रोटावेटर, थ्रेसर, ट्रॉली सहित अन्य कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएगे । जारी स्वीकृती आदेश के अनुसार प्रत्येक समिति को 8 लाख रुपए अनुदान देय होगा, वही 2 लाख रुपए समिति स्तर से व्यय करने के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा संबंधित सीसीबी प्रबंध निदेशक को इस योजना का नोडल अधिकारी बनाया गया हैं ।
किस जिले में कितने कस्टम हायरिंग सेंटर
सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार मेघराजसिंह रतनू की ओर से जारी स्वीकृति आदेश के अनुसार जयपुर की 29, बाड़मेर, झालावाड़ की 24, जैसलमेर की 21, भीलवाड़ा की 18, अजमेर की 16, बीकानेर की 14, बूंदी, उदयुपर, हनुमानगढ की 12, राजसमंद, भरतपुर की 8, जोधपुर की 6, कोटा, बांसवाड़ा, नागौर की 4, चित्तौड़गढ की 3, श्रीगंगानगर, झुंझुनू की 2, चुरु, डूंगरपुर, सिरोही, सीकर की 1 सहकारी समिति में कस्टम हायरिंग सेटर की स्थापना की जाएगी ।


