Home जयपुर 2 से 15 अक्टूबर तक प्रदेश भर में चलेगा सहकार सदस्यता अभियान

2 से 15 अक्टूबर तक प्रदेश भर में चलेगा सहकार सदस्यता अभियान

सार 

Rajasthan : प्रमुख शासन सचिव सहकारिता ने तैयारियों की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश, युवाओं और महिलाओं को सहकारी समितियों का सदस्य बनाने पर होगा फोकस- नवीन पैक्स गठन, गोदामों हेतु भूमि चिह्नीकरण, ई-केवाईसी व आधार सीडिंग के होंगे कार्य- प्रस्तावित नवीन सहकारी कानून के प्रमुख प्रावधानों की दी जाएगी जानकारी

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सहकारिता विभाग प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां मंजू राजपाल (MKM News Rajasthan)
जयपुर, 9 सितम्बर।  प्रदेश में आगामी 2 से 15 अक्टूबर तक ‘सहकार सदस्यता अभियान’ संचालित किया जाएगा । जिसके संबंध में सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां श्रीमती मंजू राजपाल ने कहा कि 2 से 15 अक्टूबर तक संचालित किए जाने वाले ‘सहकार सदस्यता अभियान’ के अंतर्गत पूरे मनोयोग से प्रयास कर निर्धारित लक्ष्य हासिल किए जाएं। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत युवाओं और महिलाओं को अधिक से अधिक संख्या में सहकारिता से जोड़ने के प्रयास किए जाएं, जिससे अभियान का उद्देश्य साकार हो सके।
श्रीमती राजपाल मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित अपने कक्ष से वीसी के माध्यम से अभियान की तैयारियों की समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने कहा कि राज्य में सहकारिता का दायरा बढ़ाने की दृष्टि से यह अभियान एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। अभियान के अंतर्गत राज्य की सभी लगभग 8,600 पैक्स के स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें पांच प्रकार की गतिविधियां मुख्य रूप से आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों में नवीन पैक्स के गठन हेतु प्रस्ताव व सदस्यता राशि प्राप्त करना तथा स्वीकृति जारी करना, प्रस्तावित नये सहकारिता कानून के प्रावधानों की जानकारी देना, पैक्स/डेयरी सहकारी समितियों में युवाओं व महिलाओं के लिए विशेष सदस्यता अभियान चलाना, पीएम किसान योजना के अंतर्गत लम्बित आवेदनों की ई-केवाईसी व आधार सीडिंग कराकर इनका निस्तारण करना तथा नवीन गोदामों के लिए आवश्यकता के अनुरूप जमीन चिह्नीकरण किया जाना शामिल है।
उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पैक्सविहीन ग्राम पंचायतों में ‘गांव चलो अभियान’ के तहत विविध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने इस संबंध में गतिविधियों का निर्धारण कर राजस्व विभाग को अवगत करवाने के निर्देश दिए। श्रीमती राजपाल ने कहा कि शिविरों में प्रस्तावित नये सहकारी कानून के प्रमुख प्रावधानों से सहकारजनों को अवगत करवाया जाए। इसके लिए पम्फलेट्स वितरण के साथ ही शिविर में अलग से सत्र रखा जाए, जिसमें प्रावधानों के संबंध में चर्चा की जाए। विशेष रूप से वर्तमान कानून और नवीन कानून के प्रावधानों के अंतर के बिन्दुओं पर इस सत्र में चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित पांच गतिविधियों के अतिरिक्त अन्य गतिविधियां भी आवश्यकता के अनुरूप शिविरों में आयोजित की जा सकती हैं। बैठक में अधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने के संबंध में अपने सुझाव दिए तथा इस संबंध में की जा रही कार्यवाही से अवगत करवाया। सभी फंक्शनल अधिकारी बैठक में नेहरू सहकार भवन स्थित कॉंफ्रेन्स रूम में उपस्थित रहे, जबकि समस्त अतिरिक्त रजिस्ट्रार (खण्ड), जिला उप रजिस्ट्रार एवं केन्द्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशक वीसी के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

व्यवस्थापकों को शिविर का नियुक्त किया जाए प्रभारी 

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि अभियान से पूर्व 9 से 29 सितम्बर तक नवीन पैक्स गठन, भूमि चिह्नीकरण एवं सदस्यता अभियान से संबंधित पूर्व तैयारियां की जानी हैं। अतरू इस संबंध में निरीक्षकों के कर्तव्यों का निर्धारण कर उनकी जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने नवीन पैक्स गठन एवं गोदाम निर्माण हेतु भूमि चिह्नीकरण कर प्रस्ताव तैयार करने तथा सदस्यता अभियान के लिए आवेदन का प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए। श्रीमती राजपाल ने कहा कि पैक्स एवं डेयरी समितियां न्यूनतम 10 प्रतिशत सदस्यों की वृद्धि का लक्ष्य रखें। बेहतर प्रदर्शन करने वाली सहकारी समितियों एवं जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि व्यवस्थापकों एवं सह व्यवस्थापकों को प्राथमिकता के आधार पर शिविर का प्रभारी नियुक्त किया जाए। साथ ही, अधिकारी नियमित रूप से शिविरों का निरीक्षण करें। उन्होंने अभियान की सफलता के लिए आवश्यकता के अनुरूप मानव संसाधन जिलों में उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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