सार
Jaipur : राजफेड की 69वीं साधारण सभा में शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने सहकारी समितियों को पारंपरिक कार्यों के साथ आय बढ़ाने, जैविक खेती और ‘श्री अन्न’ को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

विस्तार
जयपुर, 27 मार्च। सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं राजफेड प्रशासक डॉ. समित शर्मा ने आह्वान किया है कि सहकारी समितियां पारंपरिक कार्यों के साथ-साथ अपने व्यावसायिक दायरे का विस्तार कर आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दें। वे शुक्रवार को नेहरू सहकार भवन में आयोजित राजफेड की 69वीं वार्षिक साधारण सभा (AGM) को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. शर्मा ने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ हमारी परंपरा का हिस्सा है और इसके माध्यम से किसानों के जीवन में खुशहाली लाना ही मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने जोर दिया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद योजना ने देश को अन्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया है। अब समय की मांग है कि समितियां रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खेती और ‘श्री अन्न’ (मिलेट्स) को प्रोत्साहित करें ताकि समाज को शुद्ध आहार मिल सके। उन्होंने प्रदेश भर से आए प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि समितियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा।

राजफेड के प्रबंध निदेशक बचनेश कुमार अग्रवाल ने जानकारी दी कि हाल ही में क्रय-विक्रय सहकारी समितियों को 183 करोड़ रुपए की बकाया राशि हस्तांतरित की गई है। उन्होंने समितियों को सुझाव दिया कि वे केवल सरकारी खरीद पर निर्भर न रहकर आय के अन्य विकल्प भी तलाशें। उन्होंने कहा कि समितियों को बीज उत्पादन, जैविक खेती और निर्यात से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय स्तर की तीन बहुराज्यीय समितियों की सदस्यता लेने हेतु प्रोत्साहित किया गया, जिसमें राजफेड पूर्ण सहयोग करेगा। साधारण सभा में गत वर्ष की कार्यवाही की पुष्टि के साथ ही एजेंडा के विभिन्न बिंदुओं का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया। कार्यक्रम में वित्त विभाग के प्रतिनिधि श्री देवेंद्र अरोड़ा सहित प्रदेश भर की सहकारी समितियों के अध्यक्ष एवं प्रशासक उपस्थित रहे।


