Home जयपुर 21 जिलों में बनेंगे 58 सहकारी गोदाम, निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी

21 जिलों में बनेंगे 58 सहकारी गोदाम, निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी

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File-Image : 21 जिलों में बनेंगे 58 सहकारी गोदाम, निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी

जयपुर । डिजिटल डेस्क I 13 जुलाई I राजस्थान के 21 जिलों में अब जल्द ही 58 सहकारी गोदामों का निर्माण किया जाएगा। इन 58 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के लिए एक समिति पर 12 लाख रुपये खर्च कर 100-100 मैट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण होगा। सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार ने राज्य में सहकारिता क्षेत्र में 58 गोदामों के निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। स्वीकृत किए गए 58 गोदाम बजट घोषणा के तहत निर्मित किए जाने हैं। वही, 21 जिलों में बनने वाले इन गोदामों पर 6.96 करोड़ रूपये खर्च होंगे।

कहा कितने गौदाम स्वीकृत

सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि जयपुर और अलवर जिले की 7 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में, सीकर में 5, डूंगरपुर, चूरू में 4-4, बांसवाड़ा, जालोर, बूंदी, झुंझुनू, प्रतापगढ़ में 3-3 एवं जोधपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, सवाई माधोपुर, दौसा में 2-2 और बीकानेर, पाली, अजमेर, सिरोही, बांरा, श्रीगंगानगर जिले में 1-1 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100-100 मीट्रिक टन के गोदाम निर्मित होंगे।

सहकारी समिति को 4 माह में पूरा करना होगा गोदाम निर्माण का कार्य

सहकारिता रजिस्ट्रार मुक्तानंद अग्रवाल ने बताया कि सहकारी समिति को 4 माह की समय अवधि में गोदाम निर्माण का कार्य पूरा करना होगा। उन्होनें बताया हैं कि गोदाम निर्माण कार्य में पारदर्शिता बनाने के लिए ग्राम सेवा सहकारी समिति के स्तर पर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जो कि गोदाम निर्माण के लिये आवश्यक सामग्री के क्रय के लिए उत्तरदायी होगी। ऐसे में किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न के बराबर होगी। साथ ही संबंधित जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक एवं जिला इकाई उप रजिस्ट्रार की टीम द्वारा समय-समय पर निर्माण कार्य का पर्यवेक्षण भी किया जाएगा। जिससे अच्छी गुणवत्ता वाले गोदामों का निर्माण हो सकेगा।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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