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सहकारी केंद्रों पर अब मिलेंगे किसानों के जैविक उत्पाद, सहकारिता मंत्री की घोषणा के बाद निर्देश जारी

सार

राजस्थान सरकार ने किसानों के जैविक उत्पादों को सहकारी केंद्रों (उपभोक्ता भंडारों व क्रय-विक्रय समितियों) के माध्यम से बेचने की सुविधा शुरू की है। इससे किसानों को बेहतर बाजार और आमजन को शुद्ध उत्पाद मिलेंगे।

विस्तार 

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जयपुर। ॥ डिजिटल डेस्क 7जुलाई ॥ राजस्थान के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें अपने जैविक उत्पादों को बेचने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। राज्य सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडारों और क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के बिक्री केंद्रों के माध्यम से जैविक उत्पादों की बिक्री की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है हाल ही में सहकार सप्ताह के तहत 2 जुलाई 2026 को आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मान समारोह में सहकारिता मंत्री गोतम कुमार दक द्वारा यह महत्वपूर्ण घोषणा की गई थी। इस घोषणा के त्वरित क्रियान्वयन के लिए कार्यालय रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं अतिरिक्त रजिस्ट्रार (उप.) केदारमल मीणा ने राज्य के सभी खंडों के अतिरिक्त रजिस्ट्रारों को निर्देशित किया है कि वे अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय सहकारी इकाइयों के माध्यम से किसानों को सहयोग प्रदान करें। इसके तहत निम्नलिखित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया है इस पहल से जैविक खेती को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर बाजार और आमजन को शुद्ध जैविक उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे इस दिशा में कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडारों और क्रय-विक्रय सहकारी समितियों को अपने क्षेत्र के जैविक खेती करने वाले किसानों से संपर्क करने को कहा गया है। इन किसानों के उत्पादों को उचित बाजार उपलब्ध कराने के लिए सहकारी केंद्रों पर विक्रय का मंच (प्लेटफॉर्म) प्रदान किया जाएगा। साथ ही, कॉनफैड के प्रबंध संचालक को राज्य की सभी सहकारी इकाइयों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर इस पूरी प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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