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वित्तीय स्वावलंबन और विश्वास का प्रतीक बनी ’धनाऊ ग्राम सेवा सहकारी समिति’

धनाऊ ग्राम सेवा सहकारी समिति ने यह साबित कर दिया है कि यदि सहकारी भावना और व्यावसायिक सूझबूझ का संगम हो, तो गांवों की तस्वीर बदली जा सकती है। जहाँ एक ओर समितियां घाटे के कारण बंद हो रही हैं, वहीं धनाऊ समिति का लाखों रुपए का ’प्रॉफिट’ में होना एक गौरवशाली उपलब्धि है।

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राजस्थान । डिजिटल डेस्क | 20 फरवरी | थार के रेगिस्तान में जहाँ कभी संसाधनों का अभाव था, आज वहां सहकारी आंदोलन की सबसे छोटी इकाई ग्राम सेवा सहकारी समिति द्वारा एक नई इबारत लिखी जा रही है….। बाड़मेर जिले की धनाऊ ग्राम सेवा सहकारी समिति ने न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारा है, बल्कि एक ही छत के नीचे बैंकिंग, कृषि यंत्रों और राशन वितरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर खुद को एक ’मल्टी-सर्विस सेंटर’ के रूप में स्थापित कर लिया है। समिति की वर्तमान गतिविधियों पर नजर डालें, तो यह स्पष्ट होता है कि सही प्रबंधन और विजन के साथ एक सहकारी संस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन सकती है। धनाऊ समिति ने ग्रामीणों को साहूकारों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए ’मिनी सहकारी बैंक’ के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं को घर-घर पहुँचाया है। ग्रामीणों का समिति पर अटूट विश्वास है। मिनी सहकारी बैंक के पास बचत अमानत, मियादी और निरंतर अमानतों के रूप में 1.21 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है। समिति का कार्यक्षेत्र धनाऊ और श्रीरामवाला ग्राम पंचायत तक ही सीमित है । इन ही दोनों ग्राम पंचायतों क्षेत्रों से जुड़े लगभग 700 किसानों को खेती-किसानी के लिए ढाई करोड़ का अल्पकालीन ऋण समिति द्वारा उपलब्ध कराया जाता है । धनाऊ समिति किसानों को आर्थिक संबल और सुविधाएँ प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है । छोटे किसानों के लिए महंगे कृषि यंत्र अब किफायती किराये पर उपलब्ध हैं, जिससे उत्पादकता बढ़ी है और समिति की आय में भी सुधार हुआ है। समिति खाद, बीज, कीटनाशक और उपभोक्ता वस्तुओं का व्यवस्थित वितरण कर रही है। समय पर खाद-बीज का भंडारण सुनिश्चित किया जाता है ताकि किसानों को जरूरत के समय भटकना न पड़े।

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राशन वितरण और सामाजिक सरोकार

वर्ष 2024-25 की बैलेंस शीट समिति की मजबूती की गवाही देती है । समिति का टर्न-ओवर लगभग 4 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। वित्तीय वर्ष के दौरान समिति ने 1,29,272.77 रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। जिससे समिति का कुल लाभ 36 लाख तक पहुंच गया है । समिति की सबसे बड़ी सफलता यह है कि यह अपनी आय का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रखती, बल्कि प्रत्येक वर्ष अपने निष्ठावान सदस्यों को नियमानुसार लाभांश वितरित करती है। यह कदम न केवल सदस्यों की आर्थिक मदद करता है, बल्कि समिति के प्रति उनके अटूट विश्वास को भी पुख्ता करता है।

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“समिति अध्यक्ष मघाराम और संचालक मंडल के नेतृत्व में समिति ने पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जा रही है। ’अ’ श्रेणी ऑडिट रिपोर्ट इसकी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली की पुष्टि करती है। निजी गोदाम व दुकानों के साथ समिति अब खाद-बीज के अलावा बैंकिंग और कस्टम हायरिंग सेंटर के क्षेत्रों में विस्तार कर किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है ।
– दौलाराम मण्डा-व्यवस्थापक धनाऊ पैक्स 

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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