Home | cooperative | राज्य | राजस्थान | बजट घोषणा: ब्याज मुक्त फसली ऋण योजना के तहत 40 करोड़ रुपए की राशि केंद्रीय सहकारी बैंकों के खातों में ट्रांसफर

बजट घोषणा: ब्याज मुक्त फसली ऋण योजना के तहत 40 करोड़ रुपए की राशि केंद्रीय सहकारी बैंकों के खातों में ट्रांसफर

सार

बजट घोषणा 2024-25 के तहत ब्याज मुक्त फसली ऋण योजना में 40 करोड़ रुपए की राशि केंद्रीय सहकारी बैंकों के खातों में जमा कराई गई है, जिसमें से ग्राम सेवा सहकारी समितियों को 2 प्रतिशत मार्जिन राशि तुरंत जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

विस्तार IMG 20260915 WA0009

​जयपुर: |प्रदेश डेस्क 15 सितंबर |राज्य सरकार की बजट घोषणा वर्ष 2024-25 के बिंदु संख्या 126 के तहत ब्याज मुक्त फसली ऋण योजना में केंद्रीय सहकारी बैंकों को बड़ा लाभ मिला है। राज्य सरकार द्वारा दावों के विरुद्ध 40.00 करोड़ रुपए की राशि (20-20 करोड़ रुपए की दो किस्तों में) सीधे केंद्रीय सहकारी बैंकों के चालू खातों में जमा करा दी गई है। यह राशि ट्रेजरी के माध्यम से गत 10 सितंबर 2026 और 14 सितंबर 2026 को शीर्ष सहकारी बैंक में संधारित खातों में अंतरित की गई है। दी राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के परिचालन अनुभाग द्वारा प्रदेश के समस्त केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों को इस संबंध में आधिकारिक एडवाइस जारी कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत राज्य भर के विभिन्न जिलों जैसे जयपुर, सीकर, जोधपुर, अलवर और अजमेर समेत कुल 29 केंद्रीय सहकारी बैंकों के वर्गवार दावों का निस्तारण किया गया है।

सहकारी समितियों को 2 प्रतिशत मार्जिन राशि तत्काल जारी करने के निर्देश

राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने सभी केंद्रीय सहकारी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि ब्याज मुक्त फसली ऋण योजना के तहत मिले 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान में से ग्राम सेवा सहकारी समितियों (पैक्स) का हिस्सा तुरंत प्रभाव से दिया जाए। बैंक के उप महाप्रबंधक (परिचालन) मनप्रीत सिंह द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि केंद्रीय सहकारी बैंकों को मिले अनुदान पेटे से संबंद्ध ग्राम सेवा सहकारी समितियों को देय 2 प्रतिशत मार्जिन राशि का भुगतान तत्काल सुनिश्चित कराया जाए। इस वित्तीय आवंटन से राज्य के ग्रामीण स्तर पर किसानों को मिलने वाले ब्याज मुक्त फसली ऋणों के तंत्र को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वर्गों के लिए निर्धारित प्रावधानों के अनुसार जिलों को बजट राशि वितरित की गई है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

error: Content is protected !!