
बाड़मेर । डिजिटल डेस्क I 27 फ़रवरी I जिले की मातासर ग्राम सेवा सहकारी समिति की गठन प्रक्रिया में निर्धारित मापदंड को दरकिनार कर मनमाफिक मृतक, नाबालिग, भूमिहीन सहित समिति कार्यक्षेत्र से बाहरी लोगो की सदस्यता सूची बनाकर सहकारी समिति का गठन किए जाने के मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक, मातासर ग्राम सेवा सहकारी समिति गठन के लिए तैयार की गई सूची में मृतक लोगो तक के नाम भी सदस्यता सूची में शामिल कर सहकारी समिति का गठन किया गया है। और तो ओर जिन सदस्यों को संचालक बोर्ड में शामिल किया गया है, उनके द्वारा बकायदा नोटराईज्ड दस्तावेज जारी कर बताया जा रहा है कि उन्होने समिति गठन के लिए तैयार की गई सदस्य सूची में हस्ताक्षर व अंगूठा नहीं लगाया है, बल्की उनके स्थान पर किसी ओर ने उनके हस्ताक्षर अंगूठा लगा कर समिति का गठन करवा दिया है। जो कि एक तरह से बजट घोषणा की खानापूर्ती होती नजर आ रही है।
इस तरह हुई धांधली
केस : 1 – मातासर सहकारी समिति में संचालक बोर्ड महिला सदस्य रुकमो देवी को बनाया गया, जबकि उन्होने 28 जनवरी को बकायदा शपथ पत्र पेश कर बताया गया कि मेरे द्वारा भूरटिया सहकारी समिति के अलावा अन्य सहकारी समिति की सदस्यता नहीं ली गई है ।
केस 2 – मातासर सहकारी समिति में संचालक बोर्ड सदस्य खेताराम ने भी रुकमो देवी की तरह शपथ पत्र पेश कर बताया गया कि वह भूरटिया सहकारी समिति की सेवा से संतुष्ट हैं, और अन्य सहकारी समिति की सदस्यता नहीं लेना चाहते है ।
तुलनात्मक रिपोर्ट भी अन्य शाखा के L.S. ने की जारी
बीसीसीबी शाखा बायतू कार्यक्षेत्र में संचालित भूरटिया ग्राम सेवा सहकारी समिति से अलग होकर नई बनने वाली मातासर सहकारी समिति की तुलनात्मक रिपोर्ट बीसीसीबी शाखा कृषि मण्डी बाड़मेर ऋण पर्यवेक्षक विशनाराम चौधरी ने जारी की है। जिसमें हिस्सा पूंजी, ऋण व्यवसाय एवं अमानतों तथा दायित्वों के नई प्रस्तावित मातासर सहकारी समिति में हस्तातरित होने से वर्तगान भूरटिया सहकारी समिति में किसी प्रकार का व्यवसायिक विपरित प्रभाव नहीं पडेगा का हवाला दिया गया है। जबकि नियमानुसार नवीन सहकारी समिति गठन के लिए सहकारिता निरीक्षक द्वारा रिपोर्ट जारी की जाती है।


