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सहकारी बैंकों को सुदृढ़ बनाने और कुशल प्रबंधन के लिए गरजे बैंक कर्मी, मनाया ‘मांग दिवस’

सार 

अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर सहकारी बैंक कर्मियों ने ‘मांग दिवस’ मनाकर एमडी की ‘फिट एंड प्रॉपर’ नियुक्ति, सीसीबी का अपैक्स बैंक में विलय करें पेंशन योजना लागू करने और बैंकिंग सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की पुरजोर मांग 

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विस्तार 

 

​जयपुर।[ डिजीटल ङेस्क 4 जुलाई ]   सहकारिता दिवस के अवसर पर शनिवार को सहकारी बैंक कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ‘मांग दिवस’ मनाया। ऑल इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन (एआईसीबीईएफ) के राष्ट्रीय आह्वान पर देश भर में सहकारी बैंकों के कर्मचारियों ने बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों और कार्मिकों के हितों के लिए आवाज बुलंद करते हुए ऑल इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्पलाइज यूनियन के प्रान्तीय महासचिव तथा सहकार नेता सूरज भान सिंह आमेरा ने बताया कि सहकारी बैंकों में कुशल प्रबंधकीय व्यवस्था सुनिश्चित करना सबसे जरूरी है। उन्होंने मांग की कि सहकारी बैंकों में एमडी की नियुक्ति करते समय आरबीआई के ‘फिट एंड प्रॉपर’ (Fit and Proper) मानदंडों की सख्ती से पालना की जानी चाहिए ताकि संस्थानों का संचालन सुयोग्य हाथों में हो तथा ​सीसीबी के विलय और पेंशन योजना की पुरजोर पैरवी सहकार नेता आमेरा ने बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए उन्होंने कहा कि सीसीबी (केंद्रीय सहकारी बैंकों) को अपैक्स बैंक में मर्ज कर एक सशक्त राज्य सहकारी बैंक का गठन किया जाना चाहिए। साथ ही, सभी सहकारी बैंक कर्मचारियों के लिए सुनिश्चित पेंशन योजना लागू करने, एक समान सेवा नियम व वेतन संरचना बनाने और ट्रेड यूनियन अधिकारों को पूर्ण संरक्षण देने की मांग की गई है।

किसानों को मिले आसान ऋण, धोखेबाजों पर हो सख्त कार्रवाई

सहकार नेता आमेरा ने पैक्स से लेकर अपैक्स तक आर्थिक ढांचे को मजबूत करने, किसानों को समुचित फसली ऋण दिलाने, भूमि विकास बैंकों के आर्थिक पुनरुत्थान और सभी सहकारी बैंकों में अत्याधुनिक डिजिटल बैंकिंग सेवाएं शुरू करने पर जोर दिया। उन्होंने जानबूझकर ऋण नहीं चुकाने वालों और धोखेबाजों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा पूर्वोत्तर राज्यों में सहकारी बैंकों के लिए अलग परिचालन दिशानिर्देश बनाने की भी पुरजोर मांग की है। आमेरा ने कहा कि ‘सहकारिता से समृद्धि’ के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, आरबीआई और नाबार्ड को इन मांगों पर तत्काल ध्यान देकर इनका समाधान करना चाहिए। इस अवसर पर बैंक कर्मियों ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में संकल्प दोहराया।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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