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बाड़मेर सीसीबी में एमडी की नियुक्ति: ‘पुराने अनुभव’ से ‘नई उम्मीदें’, क्या नियमों की डगर पर लौटेगी सहकारिता?

सार 

बाड़मेर केंद्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) में जितेंद्र कुमार को एमडी नियुक्त किया गया है। बैंक के पूर्व विवादों और अनियमितताओं के बीच, उनका पूर्व अनुभव और जिले की सहकारिता का ज्ञान उम्मीद जगाता है। अब किसानों की नजरें इस पर टिकी हैं कि वे नई ऊर्जा और पारदर्शिता के साथ बैंक की साख को कैसे बहाल करते हैं।

विस्तार 

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बाड़मेर|!|ङिजीटल ङेस्क 12 जुलाई !जिले के केंद्रीय सहकारी बैंक ( DCCBs) में लंबे समय से रिक्त चल रहे प्रबंध निदेशक (MD) के पद पर राज्य सहकारिता सेवा के संयुक्त रजिस्ट्रार जितेंद्र कुमार की नियुक्ति ने सहकारिता जगत में नई चर्चाओं को जन्म दिया है।

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब बैंक पिछले कुछ समय से गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना में अनियमितताओं और तत्कालीन एमडी के निलंबन जैसे संकटों से जूझ रहा था। जोधपुर सीसीबी के एमडी के पास चल रहे अतिरिक्त कार्यभार से राहत देते हुए सरकार ने अब पूर्णकालिक तैनाती कर दी है। हालांकि यह नियुक्ति ‘फिट एंड प्रॉपर’ मानदंडों को पूरा करती है, लेकिन इस तैनाती के साथ ही अतीत के कुछ प्रशासनिक पन्ने भी फिर से चर्चा में आ गए हैं।

सहकारिता से जुड़े आमजन और किसान अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि नई नियुक्ति के बाद बैंक की कार्यप्रणाली में अनुशासन और पारदर्शिता आएगी। बैंक प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता इन पुराने विवादों की निष्पक्ष समीक्षा करना और उन्हें नियमों के दायरे में लाना होगी।​विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नई कमान पिछले अनुभवों से सीख लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाती है, तो बैंक की बिगड़ी साख को सुधारा जा सकता है। बाड़मेर जिले के किसानों के लिए सीसीबी केवल एक बैंक नहीं, बल्कि उनकी अर्थव्यवस्था का आधार है। ऐसे में, इस पद पर बैठा अधिकारी न केवल एक प्रशासनिक पदाधिकारी है, बल्कि वह लाखों किसानों के भरोसे का संरक्षक भी है। अब देखना यह होगा कि इस नियुक्ति के बाद बैंक का भविष्य नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ता है या फिर पुराने विवादों की परछाई में ही उलझा रहता है।

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जिले की सहकारिता के ‘जानकार’ हैं जितेंद्र कुमार

​नई जिम्मेदारी संभालने वाले सहकारी सेवा के संयुक्त रजिस्ट्रार स्तर के अधिकारी जितेंद्र कुमार का बाड़मेर जिले से पुराना नाता रहा है। सहायक रजिस्ट्रार के रूप में करियर की शुरुआत से लेकर बालोतरा पीएलडीबी में सचिव और बाद में जिला स्तरीय उप रजिस्ट्रार कार्यालय तक की अहम भूमिकाओं के चलते उन्हें जिले की सहकारी नब्ज का गहरा ज्ञान है। वे वर्ष 2021 से 2024 तक इसी बैंक में एमडी पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि इतने लंबे समय तक एक ही जिले और एक ही पद पर कार्य करने वाले अधिकारी को पुनः उसी पद पर पदस्थापित करना अपने आप में एक अनूठा कदम है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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