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सहकारी सशक्तिकरण की मिसाल: भाणा समिति का सात दशकों का सफर और गौरवमयी उपलब्धि

सात दशकों का स्वर्णिम सफर: संघर्ष से शिखर तक की गाथा………

राजसमंद की भाणा सहकारी समिति को उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य स्तरीय कृषक सम्मान मिला है। अध्यक्ष किशन लाल कुमावत व व्यवस्थापक पन्नादास वैष्णव के नेतृत्व में यह समिति ग्रामीण विकास की मिसाल बनी है।

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उदयपुर/ जयपुर [ प्रकाश वैष्णव] 21 अगस्त |राजस्थान के राजसमंद जिले की पंचायत समिति राजसमंद स्थित ‘भाणा बहुद्देशीय प्राथमिक ग्राम सेवा सहकारी समिति’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है। 17 फरवरी 1953 को स्थापित यह संस्था पिछले सात दशकों से भी अधिक समय से अपने सेवा क्षेत्र के छह गांवों के निवासियों के लिए एक मजबूत स्तंभ बनी हुई है। समिति की इस निरंतर प्रगति ने न केवल स्थानीय स्तर पर पहचान बनाई है, बल्कि हाल ही में भाणा समिति ने पूरे राजस्थान में राजसमंद का नाम रोशन करते हुए सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सहकार सप्ताह के दौरान राज्य स्तरीय कृषक सम्मान हासिल किया है। जयपुर में आयोजित इस भव्य राज्य स्तरीय कृषक सम्मान दिवस समारोह में समिति को उत्कृष्ट कृषि, सहकारिता, पारदर्शिता और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल समिति के लिए, बल्कि राजसमंद जिले के हर किसान और सहकारिता से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।

​वर्तमान कार्य-परिदृश्य में यह समिति त्रिस्तरीय ढांचागत तंत्र के अनुरूप काम करते हुए अत्याधुनिक सेवाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचा रही है। 858 सक्रिय सदस्यों वाली इस संस्था ने वित्तीय समावेशन की दिशा में सराहनीय कार्य किया है। समिति न केवल लघु अवधि के फसल ऋण प्रदान कर रही है, बल्कि एक मिनी बैंक के रूप में भी कार्य कर रही है, जहां 3600 से अधिक खातों के माध्यम से करोड़ों का लेनदेन हो रहा है। इसके अलावा, उर्वरक और बीज वितरण, पी.डी.एस., कस्टम हायरिंग सेंटर और सी.एस.सी. जैसी सेवाओं के माध्यम से ग्रामीणों के दैनिक जीवन को आसान बनाया गया है।

​इस गौरवमयी उपलब्धि और पूरी सफलता के पीछे समिति के अध्यक्ष किशन लाल कुमावत, व्यवस्थापक पन्नादास वैष्णव और पूरे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स सहित पूरी टीम की वर्षों की मेहनत और समर्पण है। 22 सितंबर 2022 को निर्वाचित बोर्ड शामिल हैं, के मार्गदर्शन में संस्था निरंतर नई ऊंचाइयां छू रही है। समिति की वित्तीय स्थिति भी अत्यंत सुदृढ़ है और वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक लगातार मुनाफा कमाते हुए इसका संचित लाभ 277 लाख रुपये के पार पहुंच गया है। भाणा समिति आज न केवल स्थानीय किसानों का सहारा है, बल्कि राजस्थान के सहकारी आंदोलन के लिए एक प्रेरक मॉडल के रूप में स्थापित हो चुकी है।

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मिनी बैंक ने बदली ग्रामीण बैंकिंग की तस्वीर

​भाणा सहकारी समिति द्वारा संचालित मिनी बैंक स्थानीय ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है। बड़े बैंकों की जटिलताओं से दूर, यह मिनी बैंक ग्रामीणों को उनके ही गांव में बचत, फिक्स्ड डिपॉजिट और ऋण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। वर्तमान में इस मिनी बैंक में 3684 खाते धारक हैं, जिनकी कुल जमा राशि 1545.94 लाख रुपये तक पहुंच गई है। संस्था ने इन जमाओं को सुरक्षित और लाभकारी निवेश के माध्यम से सुरक्षित भी किया है। यह बैंकिंग ढांचा ग्रामीणों की बचत को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने और उन्हें समय पर आर्थिक मदद दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिससे उन्हें साहूकारों के चंगुल से मुक्ति मिली है।

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कृषि यंत्रीकरण और आधुनिक सेवा से किसानों को संबल

​किसानों के जीवन को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से समिति ने कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की है, जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए किसी बड़े वरदान से कम नहीं है। अब तक 403 किसान इस सेंटर के माध्यम से ट्रैक्टर और अन्य आधुनिक कृषि उपकरणों का लाभ उठा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (पी.एम.के.एस.के.) के माध्यम से समिति ने उर्वरकों और बीजों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की है। खाद-बीज व्यवसाय का वार्षिक टर्नओवर 45.73 लाख रुपये से अधिक है, जो दर्शाता है कि किसान समिति पर पूरा भरोसा करते हैं। कृषि तकनीक और सामग्री तक आसान पहुंच ने क्षेत्र में खेती की उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने में अहम योगदान दिया है।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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