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सहकारी समितियों में व्यवस्थापकों ने किया गड़बड़झाला ,झूठे शपथपत्रों से भरी जेबें, ले ली ऋण माफी

जालोर 21 जुलाई 2021। सरकार ने किसानों को ऋण बांटने के लिए सहकारी समितियों को बजट दिया लेकिन इसे बांटने में व्यवस्थापकों ने खूब मनमानी की। बात खुद की आई तो नियम ताक पर रखकर व्यवस्थापकों ने ही ऋण उठा लिया। सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक प्रबंधन को पता चला, फिर भी अनदेखी की। हमारे संवाददाता ने पड़ताल की तो सामने आया कि व्यवस्थापकों ने अपात्रों को भी ऋण दे दिया। खास बात है कि इन्होंने सरकार की ऋणमाफी योजना का फायदा भी उठा लिया, और तो और समितिया के व्यवस्थापक सहित ऋण माफी का लाभ राज्य के स्थायी कर्मचारी ने ले लिया, जबकि सरकारी निर्देश की मानें तो ऐसे कर्मचारी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते है जो सहकारी क्षेत्र की संस्था का पूर्णकालिक कार्मिक है। जालोर जिले के सांचौर-चितलवाना शाखा कार्यक्षेत्र की ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापक जो स्थायी हैं, ने मनमाने ढंग से ऋण लेकर सरकार की ऋण माफी योजना के तहत 50 हजार रुपए तक ऋण भी माफ करा लिया है।
( विस्तृत समाचार मारवाङ का मित्र के अंक में पढिये )

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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