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‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करने के लिए नया सहकारिता मंत्रालय बनाया गया है : श्रीमती निर्मला सीतारमण

  • सरकार, शेष पंचायतों और गांवों में बहुद्देश्‍यीय सहकारिता समितियों, प्राथमिक मत्‍स्‍य समितियों और दुग्‍ध सहकारिता समितियों के गठन में मदद करेगी
  • 2,516 करोड़ रुपये से 63,000 प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों का कम्‍प्‍यूटीकरण
  • सहकारिता के लिए कर लाभ
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श्रीमती सीतारमण ने सहकारिता क्षेत्र के लिए कई उपायों की घोषणा की

नई दिल्ली । 1 फ़रवरी I केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज 01 फरवरी, 2023 को संसद में केन्‍द्रीय बजट 2023-24 पेश करते हुए सहकारिता क्षेत्र के लिए कई उपायों की घोषणा की। उन्‍होंने अपने बजट भाषण में प्रधानमंत्री के लक्ष्‍य ‘सहकार से समृद्धि’ और ‘अमृतकाल की भावना के साथ सहकार की भावना’ को जोड़ने के उनके संकल्‍प का उल्‍लेख किया। वित्‍त मंत्री ने कहा कि 31.03.2024 तक जो नई सहकारी समितियां उत्‍पादन गतिविधियां शुरू करेंगी, उन्‍हें 15 प्रतिशत की कम कर दर का लाभ मिलेगा। उन्‍होंने कहा कि आकलन वर्ष 2016-17 से पहले की अवधि के लिए गन्‍ना किसानों को किए गए भुगतान का दावा करने के लिए गन्‍ना सहकारिता समितियों को एक अवसर उपलब्‍ध कराया जाएगा, इससे लगभग 10,000 करोड़ रुपये की राहत मिलने की उम्‍मीद है। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और प्राथमिकता सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक में सदस्‍यों को नकद जमा करने और नकद उधार लेने की उच्‍च सीमा प्रति सदस्‍य 2 लाख रुपये है। उन्‍होंने कहा कि सहकारी समितियों को नकद निकासी पर टीडीएस के लिए 3 करोड़ रुपये की उच्‍च सीमा उपलब्‍ध कराई जा रही है। अपने बजट भाषण में वित्‍त मंत्री ने बताया कि ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करने और किसान एवं उपेक्षित वर्गों के लिए सहकारिता आधारित विकास मॉडल को बढ़ावा देने के लिए एक नया सहकारिता मंत्रालय बनाया गया है। उन्‍होंने कहा कि इस विजन को साकार करने के लिए सरकार ने 25,16 करोड़ रुपये से 63,000 प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों का कम्‍प्‍यूटरीकरण करने का काम शुरू कर दिया है। उन्‍होंने बताया कि सहकारिता समितियों की देशभर में मैपिंग के लिए एक राष्‍ट्रीय सहकारिता डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। वित्‍त मंत्री ने कहा कि विकेन्‍द्रीकृत भंडारण क्षमता की स्‍थापना की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी उपज का भंडारण करने और सही समय पर उसकी बिक्री के जरिए आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्‍होंने कहा कि सरकार, अगले 5 वर्षों में शेष रह गई पंचायतों और गांवों में बड़ी संख्‍या में बहुद्देशयीय सहकारी समितियों, प्राथमिक मत्‍स्‍य समितियों और दुग्‍ध सहकारी समितियों का गठन करने में मदद करेगी।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

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