
जालोर । डिजिटल डेस्क I 2 अक्टूबर I सहकारिता को बढ़ावा देने के लिए रबी सीजन में केन्द्रीय सहकारी बैंक की ओर से जिले के किसानों को ब्याज मुक्त फसली सहकारी ऋण बांटा जाएगा। वही, नए किसानों को सदस्य बनाकर सहकारिता से जोड़ा जाएगा। ग्राम सेवा सहकारी समितियों की चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात अब सहकारी समितियों के माध्यम से रबी सीजन में केन्द्रीय सहकारी बैंक ने फसली सहकारी ऋण वितरण की कवायद शुरु कर दी है। राजस्थान राज्य सहकारी बैंक द्वारा केन्द्रीय सहकारी बैंक जालोर को खरीफ व रबी सीजन में 600 करोड़ के अल्पकालीन फसली ऋण वितरण का लक्ष्य आंवटित कर रखा है। जिसके क्रम में केन्द्रीय सहकारी बैंक जालोर की ओर से जिले में एक लाख से ज्यादा किसानों को रबी सीजन में 280 करोड़ का ब्याज मुक्त फसली ऋण ग्राम सेवा सहकारी समितियों के जरिए सदस्य किसानों को बांटा जाएगा । जिससे जिले के करीब एक लाख से ज्यादा सदस्य किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
लोन वितरण के साथ रिकवरी भी
बैंक से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की सहकारी समितियों की ओर से 280 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण बांटने के साथ-साथ खरीफ सीजन के लोन की रिकवरी भी हो रही है। ब्याज मुक्त ऋण की अधिकतम सीमा फिलहाल डेढ़ लाख रुपए है। नया लोन डिफाल्टर किसानों को नहीं बांटा जाएगा। बैंक की ओर से खरीफ सीजन में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से 337 करोड़ रुपए का लोन बांटा गया था।
अवधि पार को मय ब्याज चुकानी होगी राशि
खरीफ सीजन के दौरान नेट बंदी के कारण कई किसान बकाया लोन जमा नहीं करवा सके थे। इसके बाद प्रदेश स्तर पर इस बकाया लोन को बिना ब्याज के जमा करवाने के लिए अवधि को दो माह तक बढ़ा दिया। इसके बावजूद भी कई किसानों ने खरीफ सीजन के बकाया लोन को नहीं चुकाया। ऐसे किसानों को नया लोन लेने के लिए अपनी बकाया राशि मय ब्याज के साथ चुकानी होगी।
डीएपी और यूरिया का अग्रिम स्टॉक
किसानों को डीएपी और यूरिया की किल्ल्त से बचाने के लिए प्रदेश में अगस्त 2022 तक 36, 885 मीट्रिक टन डीएपी एवं 49,032 मीट्रिक टन यूरिया का अग्रिम भण्डारण किया गया है। प्रमुख शासन सचिव सहकारिता एवं प्रशासक राजफेड श्रेया गुहा ने राजफैड की 66 वीं वार्षिक साधारण सभा में बताया कि राजफैड की ओर से पशुपालकों को 22.46 करोड़ रुपए का 11 हजार से अधिक मीट्रिक टन पशुआहार का विक्रय किया गया। सभा में में राजफैड की प्रबंध निदेशक उर्मिला राजोरिया ने एंजेड़ा रखा। इस दौरान रजिस्ट्रार सहकारिता मुक्तानंद अग्रवाल, वित्त विभाग एवं अन्य सदस्य संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


