दिल्ली में सहकारिता मंत्रियों का सम्मेलन : सहकारिता क्षेत्र में राजस्थान द्वारा किये गये नवाचारों को अपनाने का दिया सुझाव

Suggested to adopt innovations made by Rajasthan in cooperative sector

जयपुर, 08 सितम्बर। सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना ने कहा कि आदर्श, संजीवनी, नवजीवन जैसी मल्टी स्टेट क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटियों द्वारा राजस्थान के छोटी बचत करने वाले लाखों लोगों की गाढ़ी कमाई को हड़पा गया है। इन सब पीड़ित परिवारों के साथ बड़ा धोखा हुआ है, यह बहुत ही व्यथित करने वाला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राजस्थान के पीड़ित निवेशकों की राशि लौटाने में मदद करें। श्री आंजना गुरूवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित सहकारिता मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभिन्न केन्द्रीय एजेन्सियां जैसे ईडी, इन्कम टैक्स विभाग आदि आपस में सहयोग एवं समन्वय कर पीड़ित निवेशकों को राहत दें। ईडी एवं इनकम टैक्स विभाग ने मांग आपूर्ति हेतु सम्पत्तियों को जब्त कर रखा है इससे छोटे निवेशकों को भुगतान में बाधा आ रही है, पहले सर्वप्रथम निवेशकों को राहत देनी चाहिये । उन्होंने आग्रह किया कि केंद्र सरकार इन एजेंसियों को निर्देशित करें। सहकारिता मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के सामने जैसे ही यह विषय आया तत्काल ही राजसहकार पोर्टल खोला गया और पीड़ितों की शिकायतें ली जा रही हैं। अब तक 01 लाख से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं। निवेशकों के हित में डेजिग्नेटेड कोर्ट घोषित कर 07 हजार इस्तगासे अभी तक दर्ज किये जा चुके हैं। उन्होंने भारत सरकार के सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह को ध्यान दिलाया कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पीड़ित निवेशकों का पैसा लौटाने एवं इन सोसायटियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के लिए भी आग्रह किया हैं। श्री आंजना ने कहा कि मल्टी स्टेट क्रेडिट सोसायटियों के खिलाफ राज्य को दी शक्तियां सीमित है ऐसे में केंद्र सरकार बड्स एक्ट 2019 एवं मल्टी स्टेट को-आपरेटिव सोसायटीज एक्ट, 2002 में संशोधन करें ताकि राज्य सरकारों के स्तर से भी इन सोसायटियों के खिलाफ ठोस कार्यवाही की जा सके। सहकारिता मंत्री ने सम्मेलन में नाबार्ड द्वारा रियायती दर पर उपलब्ध करवाई जा रही 40 प्रतिशत ऋण राशि को बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की मांग की ताकि किसानों को अधिक से अधिक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा सके। सम्मेलन में केंद्रीय सहकारिता मंत्री एवं सहकारिता राज्य मंत्री, सभी राज्यों के सहकारिता मंत्री, केंद्रीय सचिव एवं सभी राज्यों प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता एवं रजिस्ट्रार भाग ले रहे हैं। राजस्थान से सम्मेलन में प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता श्रीमती श्रेया गुहा एवं रजिस्ट्रार श्री मुक्तानंद अग्रवाल उपस्थित थे।

निर्वाचन तहत पैक्स में निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू

श्री आंजना ने कहा कि राज्य सरकार ने सहकारिता के क्षेत्र में लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण की भावना को सुदृढ़ करने के लिए क्रमबद्ध एवं समयबद्ध रूप से निर्वाचन तहत पैक्स में निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पैक्स से पूर्व भी निर्वाचन कार्य जारी था जिसमें 8 हजार 588 सोसायटियों में निर्वाचन संपन्न हो चुके है। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर एक सबके लिए सब एक के लिए की भावना के साथ सहकारिता को मजबूत करने की दिशा में कार्य करेंगे ताकि समावेशी विकास को पूर्णतया साकार किया जा सके।

1 हजार 215 पैक्स का गठन कर करीब 3 लाख नये किसानों को जोड़ा गया

सहकारिता मंत्री ने श्री आंजना ने कहा कि राजस्थान में सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर पैक्स का गठन किया जा रहा है अब तक 1 हजार 215 पैक्स का गठन कर करीब 3 लाख नये किसानों को जोड़ा गया है। भारत सरकार भी प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर पैक्स गठन के लिए सभी राज्यों को प्रेरित करे ताकि औसतन 5 किलोमीटर के दायरे में लोगों को बैंकिंग सहित अन्य सुविधाएं प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने कार्यभार संभालने के दो दिन बाद ही तत्काल प्रभाव से किसानों की ऋण माफी का अभूतपूर्व निर्णय लिया और करीब 15 हजार 424 करोड़ रूपये की राशि वहन की।

फसली ऋण वितरण में बॉयोमेट्रिक आधारित एक पारदर्शी एवं जवाबदेही तंत्र विकसित

सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा कि राजस्थान देश का पहला राज्य है, जिसने सहकारी अल्पकालीन फसली ऋण की समस्त प्रक्रिया को जुलाई,2019 से ही बॉयोमेट्रिक आधारित तथा ऑनलाइन कर एक पारदर्शी एवं जवाबदेही तंत्र विकसित किया है। इससे वास्तविक किसान को लाभ मिलना सुनिश्चित हुआ हैं। श्री आंजना ने कहा कि इस प्रक्रिया को पूरे भारत में लागू किया जाए। राज्य में 18 लाख 22 हजार किसानों को पहली बार ऋण दिया गया है, जिसकी राशि 3 हजार 596 करोड़ रूपये है। इस वर्ष 20 हजार करोड रूपये के ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है।

कृषि क्षेत्र में 747 करोड रूपये के 781 प्रोजेक्टस को स्वीकृति

श्री आंजना ने कहा कि पिछले माह भारत सरकार ने एग्री इन्फा फण्ड योजना में देश में राइजिंग स्टेट के रूप में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर राजस्थान को सम्मानित किया है। इस योजना से राज्य में कृषि क्षेत्र में 747 करोड रूपये के 781 प्रोजेक्टस को स्वीकृति दी है। पैक्स के व्यवसाय विविधीकरण के लिए लगने वाले प्रोजेक्ट में भारत सरकार 80 प्रतिशत अनुदान पैक्स को उपलब्ध करायें ताकि पैक्स सुदृढ़ीकरण के कार्य को गति मिल सके।

त्वरित भुगतान करने के लिए वेयर हाउस ई – रिसिप्ट सेवा शुरू

सहकारिता मंत्री ने कहा कि किसानों से एमएसपी पर दलहन एवं तिलहन की खरीद एवं पंजीयन प्रक्रिया को पूर्णतया ऑनलाइन कर बायोमैट्रिक सत्यापन से वास्तविक किसान को लाभ देना सुनिश्चित किया है तथा त्वरित भुगतान करने के लिए वेयर हाउस ई – रिसिप्ट सेवा शुरू की गई है। जिससे किसानों को तीन से चार दिन में खाते में ऑनलाइन भुगतान हो रहा है। नेफैड के भुगतान आने और उसको किसान को दिये जाने के गैप को पूरा करने के लिये राजस्थान सरकार ने एक हजार करोड़ के रिवोल्विंग फण्ड की व्यवस्था की है ताकि किसान को समय पर भुगतान किया जा सके।

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