
जोधपुर । डिजिटल डेस्क I 10 जुलाई I सहकारिता विभाग में पिछले दिनों से अधिकारियों के स्थानातंरण की सूची जारी हो रही है। लेकिन जोधपुर संभाग के जोधपुर, बाड़मेर सीसीबी में प्रबंध निदेशक पद पर गृह जिलों में पदस्थापन अधिकारियों के साथ-साथ सीसीबी में अधिशासी अधिकारी पद पर सालों-साल से एक जगह डटे अधिकारियों का स्थानांतरण नहीं हो रहा है। जबकि सरकार ने तबादलों के लिए जो पॉलिसी बनाई थी, इसमें तय किया गया है कि जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंधन निदेशकों को उनके गृह जिले में तैनात नहीं किया जाएगा। पॉलिसी के मुताबिक गृह जिलों में अधिकारियों की तैनाती नहीं होगी। यह निर्णय बैंकों में लगातार मिल रही गड़बडिय़ों को देखते हुए लिया गया था। पॉलिसी तय होने के बावजूद भी जोधपुर सीसीबी एमडी का जिम्मा सुरेन्द्र सिंह राठौड़ को दिया हुआ है। उनका गृह जिला भी जोधपुर ही है। इसी तरह बाड़मेर के जितेन्द्र कुमार को सीसीबी बाड़मेर का जिम्मा दे रखा है। जो पहले से ही अपने गृह जिले में तैनात हैं उन्हें वहां से हटाया नहीं गया।
वर्षों से कब्जा किए अधिकारी सीट से नहीं हिले
केन्द्रीय सहकारी बैंक बाड़़मेर और जोधपुर में सालों से जमे अधिशासी अधिकारी यहां से जाना ही नहीं चाहते हैं। बताया जाता है कि उन्हें कई वर्षो से एक ही जगह पर तैनाती सहकारिता विभाग ने दे रखी है। पदोन्नति से लेकर तबादला होने के बाद भी वे जोड़तोड़ कर वापस आ जाते हैं। जानकारी के मुताबिक नियमानुसार विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारी और कर्मचारियों का ट्रांसफर तीन और पांच साल में करने का नियम बनाया गया है, लेकिन इन दोनो सीसीबी में अधिशासी अधिकारी के पदों पर आसीन इन दोनो अधिकारियों के ट्रांसफर तो दूर चर्चा तक नहीं होती हैं।
जूनियर अधिकारी को दिया सीसीबी का जिम्मा
केन्द्रीय सहकारी बैंक जालोर (सीसीबी) के प्रबंधन निदेशक का जिम्मा उप रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार मीणा को दिया हुआ है। सरकार ने इस पद के लिए अतिरिक्त रजिस्ट्रार स्तर के अधिकारी को तैनात किए जाने का नियम बनाया हुआ है। इसके बाद भी यहां जूनियर पद के अधिकारी को तैनात किया गया है, जबकि विभाग में इस पद के कई अधिकारी मौजूद हैं।


