जालोर । डिजिटल डेस्क I 9 जुलाई I जिले के चितलवाना स्थित केन्द्रीय सहकारी बैंक के अधीन संचालित केरिया ग्राम सेवा सहकारी समिति से जुड़े किसानों को सहकारिता विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। ग्राम सेवा सहकारी समिति में व्यवस्थापक नहीं होने से टांपी ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक हनुमानसिंह जाट को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। आपको बता दे कि टांपी और केरिया के मध्य लगभग 40 किलोमिटर की दूरी है, और टांपी व्यवस्थापक के पास सूराचंद समिति के अलावा बैंक में कार्यवाहक ऋण पर्यवेक्षक का भी कार्यभार है। केरिया सहकारी समिति से जुड़े किसानों कि मांग है कि सहकारी समिति में स्थाई व्यवस्थापक लगाया जाए, ताकि उन्हें ब्याज मुक्त फसली ऋण प्राप्त करने के लिए दर-दर भटकना नहीं पड़े। गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से किसानों को ब्याज मुक्त फसली ऋण दिया जाता है। हालांकि केरिया ग्राम सेवा सहकारी समिति में विरावा, मेघावा, हलीवाव, सुटाकोई, मणोर, कुण्डकी एवं केरिया इत्यादि गांव समिति के कार्यक्षेत्र में आते है। लेकिन पिछले 3 सालों से समिति में स्थाई व्यवस्थापक नहीं है। जिस कारण किसानों को सहकारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पाता।


