Home | cooperative | जयपुर | उत्तरदायित्व एवं सत्य निष्ठा के साथ जनता के सेवक के रूप में कार्य करें – सहकारिता मंत्री

उत्तरदायित्व एवं सत्य निष्ठा के साथ जनता के सेवक के रूप में कार्य करें – सहकारिता मंत्री

  • नवचयनित सहकारिता निरीक्षकों का राईसम में फाउण्डेशन कोर्स प्रारंभ-
  • प्रशिक्षण से कौशल विकास कर दक्षता में सुधार करें-सहकारिता मंत्री
download 54 300x200
झालाना स्थित राईसेम परिसर में नवचयनित सहकारिता निरीक्षकों के फाउडेशन कोर्स के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री

जयपुर, 12 मई। सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना ने कहा कि सहकारिता निरीक्षक बेहतर ढंग से प्रशिक्षण प्राप्त कर उत्तरदायित्व एवं सत्य निष्ठा के साथ सहकारिता विभाग के माध्यम से जनता के सेवक के रूप में कार्य करें। उन्होंने कहा कि सहकारिता निरीक्षक एक आधार स्तम्भ के रूप में सहकारिता को आगे बढ़ाते है। ऐसे में लोगों को अच्छी सेवाएं दे एवं  नवाचार पर कार्य कर सहकारिता को आगे लेकर जाए।
श्री आंजना गुरूवार को झालाना स्थित राईसेम परिसर में नवचयनित सहकारिता निरीक्षकों के फाउडेशन कोर्स के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाग को 173 सहकारिता निरीक्षकों के पहले चरण में 80 निरीक्षकों का 5 जुलाई तक फाउण्डेशन कोर्स होगा तथा शेष निरीक्षकों का 7 जुलाई से फाउण्डेशन कोर्स प्रारंभ किया जाएगा। नए निरीक्षकों के आने से विभाग को मजबूती मिलेगी।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता किसानों से जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण विभाग है। ऐसे में संवेदनशील होकर कार्य करते हुए लोगों को राहत दे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने ऋण माफी, समर्थन मूल्य पर खरीद एवं फसली ऋण वितरण में ऑनलाइन व्यवस्था लागू कर किसानों को बहुत बड़ी राहत दी है। उन्होंने नवचयनित निरीक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बधाई एवं शुभकामना दी।
एचसीएम,रीपा के महानिदेशक डॉ. आर वेकटेंश्वरन ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान एक दूसरे से चर्चा करें, जो सिखाया जा रहा है उसे ग्रहण करे एवं पूछने में संकोच ना करे। जनता की सेवा के रूप में कार्य करते हुए 3 बातों ड्यूटी, डिग्नीटी एवं डिस्पिलेन का ध्यान रखें। उन्होंने कहा की सहानुभूति को अपने अन्दर रखते हुए कार्य कर प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे। न्याय की दृष्टि से कार्य करते हुए नियमों की व्याख्या जनता के हित में करें।

सहकारिता सामाजिक आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम – रजिस्ट्रार सहकारिता

रजिस्ट्रार सहकारिता श्री मुक्तानंद अग्रवाल ने कहा कि सहकारिता सामाजिक आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम है। सहकारिता के समक्ष चुनौतिया अनेक है। लेकिन आज भी इसकी प्रासंगिकता बनी हुई है। कोरोना महामारी के दौरान लोगों को सहकारिता के माध्यम से खाद्य सामग्री का वितरण कर लोगों को राहत दी गई। उन्होंने कहा कि सभी निरीक्षक प्रशिक्षण के दौरान गंभीरता से सीखे आपस में सहयोग करे और अपना कौशल विकास कर दक्षता में सुधार लाए। उन्होंने कहा कि नए निरीक्षकों के आने से विभाग को नई गति एवं ऊर्जा मिली है। सहकारिता के मूल मंत्र एक सबके लिए सब एक के लिए की भावना के साथ कार्य करते हुए सहकारिता में सुशासन प्रदान करें।
  निदेशक, राईसेम, श्रीमती शिल्पी पांडे ने स्वागत उदबोधन के दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। सहकारिता मंत्री के विशिष्ट सहायक श्री आशीष शर्मा, अतिरिक्त निदेशक राईसेम श्री मुरार सिंह जाड़ावत, संयुक्त रजिस्ट्रार श्रीमती सुरभि शर्मा सहित विभागीय अधिकारी राईसेम के अधिकारी कर्मचारी एवं नवचयनित सहकारिता निरीक्षक उपस्थित थे।

परिचय : प्रकाश वैष्णव एक सहकारी चिंतक, विश्लेषक, स्तंभकार और पत्रकार हैं।
​पत्रकारिता अनुभव: वे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं।
​करियर की शुरुआत: उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत सबसे पहले साप्ताहिक समाचार पत्र ‘जय सत्यपुर’ से की थी।
​अन्य सेवाएँ: इसके बाद उन्होंने ‘लोक सूचना’ एवं ‘क्षेत्र का साथी’ समाचार पत्रों में भी अपनी सेवाएँ दीं।
​वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे सहकारी आंदोलन को समर्पित प्रमुख हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र ‘मारवाड़ का मित्र’ और ‘MKM MEDIA’ समूह वेब पोर्टल के चीफ एडिटर के रूप में निरंतर संचालन कर रहे हैं।

error: Content is protected !!