
जालोर 17 फरवरी। जिले में सूखे की स्थिति के कारण हुए नुकसान के आंकलन करने के लिए अंतर मंत्रालयिक केन्द्रीय दल आईएमसीटी ने गुरूवार को जालोर पहुँच कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों से चर्चा कर तहसीलवार प्रभावित सूखा एवं अभावग्रस्त क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली।
जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि ने दल को जालोर जिले की विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं प्राकृतिक आपदा के मद्देनजर सूखे व इसके आम जनजीवन एवं पशुओं पर पड़ने वाले प्रभाव के साथ ही जिले में इससे संबंधित सभी पक्षों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में खरीफ फसल में 9 तहसीलां के 751 ग्राम 33 प्रतिशत से अधिक फसल खराबे से प्रभावित हुए है वही 571 ग्रामों में फसल खराबा 75 प्रतिशत से अधिक हुआ है।
दल में कृषि एवं परिवार कल्याण विभाग राजस्थान जयपुर के निदेशक आर.पी. सिंह, ग्रामीण विकास विभाग नई दिल्ली के अवर निदेशक (मनरेगा) दीप शेखर सिंघल एवं पशुपालन एवं डेयरी विभाग नई दिल्ली के वैज्ञानिक विजय ठाकरे ने जिले के हालातों के बारे में विस्तार से जानकारी ली और खरीफ में सूखे की स्थिति के कारण हुए नुकसान के बारे में कृषि, पशुपालन, जलदाय विभाग, पंचायतीराज एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर जानकारी प्राप्त की।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राप्त हुए बीमा क्लेम के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए निदेशक आर.पी. सिंह ने खेती नवाचारों, नवीन तकनीक के प्रयोग एवं कृषि संबंधित आधुनिक प्रणालियों द्वारा किसानों को जागरूक किए जाने की बात कही। उन्होंने अंतर फसल प्रयोगों द्वारा किसानों की आय बढ़ाने की भी बात कही।
पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने केन्द्रीय दल को पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था एवं रियायती दर पर चारा उपलब्ध करवा पशुधन को संभावित कमी से बचाने एवं पशुपालकों को राहत दिलवाने की बात कही। दल के सदस्यों ने जिले में प्रचुर अनार उत्पादन एवं किनुआ फसल जैसे कृषि नवाचारों पर प्रसन्नता जाहिर की।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर लोकेश मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय वासु, उपखण्ड अधिकारी जालोर चंपालाल जीनगर, कृषि विभाग के उपनिदेशक संजय तनेजा, सहायक निदेशक आर.बी. सिंह, तहसीलदार पद्माराम राणा, पीएचईडी के श्याम बिहारी, सहित पशुपालन, कृषि मण्डी के अधिकारी मौजूद रहे।


