सार
राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (Apex Bank) ने अपनी स्थापना के 74वें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। मात्र 1.5 लाख रुपये की शुरुआती पूंजी से शुरू हुआ यह सफर अब 1 लाख करोड़ रुपये के कुल कारोबार (Business Turnover) तक पहुंच गया है।
विस्तार 
जयपुर |प्रदेश डेस्क 14 अक्टूबर | राजस्थान के सहकारी आंदोलन की धुरी और प्रदेश के लाखों किसानों के वित्तीय संबल ‘दि राजस्थान स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लि.’ (Apex Bank) ने अपने गौरवमयी 73 वर्ष पूरे कर 74वें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। 14 अक्टूबर 1953 को महज 1.5 लाख रुपये की मामूली शेयर पूंजी (Share Capital) से शुरू हुआ यह बैंक आज 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के विशाल व्यावसायिक (Business) आंकड़े को पार कर चुका है।अतीत (Past) से लेकर वर्तमान (Present) कार्य-परिदृश्य तक, अपैक्स बैंक ने राजस्थान के ग्रामीण अर्थशास्त्र और सहकारिता मॉडल को एक नई दिशा दी है।
वर्तमान में यह बैंक प्रदेश के 29 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों तथा 9,000 से अधिक पैक्स/लैम्पस (PACS/LAMPS) की नोडल एजेंसी (Nodal Agency) के रूप में लगभग 80 लाख किसान परिवारों के अटूट भरोसे का केंद्र बना हुआ है।सहकारी बैंकिंग सेक्टर यूनियनों के प्रांतीय प्रमुख तथा सहकार नेतृत्व सूरज भान सिंह आमेरा ने बैंक के 74वें स्थापना दिवस के अवसर पर समस्त बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों, व्यवस्थापकों एवं किसान सदस्यों को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
उन्होंने बदलते बैंकिंग परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राइवेट (Private) बैंकों, फिनटेक (Fintech) और स्मॉल फाइनेंस (Small Finance) बैंकों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा (Competition) के बीच अपैक्स बैंक को देश के श्रेष्ठ व्यावसायिक बैंकों की श्रेणी में स्थापित करना होगा। इसके लिए सीबीएस (CBS), यूपीआई (UPI), आरटीजीएस (RTGS), मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking) एवं एटीएम (ATM) सेवाओं को निजी बैंकों से भी बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। ‘सहकार से समृद्धि’ के ध्येय के साथ बैंक को आर्थिक रूप से सुदृढ़, तकनीकी रूप से दक्ष और एनपीए (NPA) मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया गया।

प्रतिस्पर्धा के दौर में तीन संकल्पों से देश के शीर्ष 3 राज्य सहकारी बैंकों में जगह बनाने का लक्ष्य
अपैक्स बैंक के 74वें स्थापना दिवस (Foundation Day) के अवसर पर सहकारी बैंकिंग सेक्टर यूनियनों के प्रांतीय प्रमुख तथा सहकार नेतृत्व सूरज भान सिंह आमेरा ने बैंक को देश के शीर्ष 3 राज्य सहकारी बैंकों में शामिल कराने के लिए तीन प्रमुख संकल्पों का आह्वान किया है।पहले संकल्प के तहत ग्राहक सेवा (Customer Service) को सर्वोपरि मानते हुए केसीसी (KCC) और ब्याज मुक्त फसली ऋण के साथ-साथ एमएसएमई (MSME), हाउसिंग (Housing), एसएचजी (SHG) और एफपीओ (FPO) फाइनेंसिंग में बैंक को अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। दूसरे संकल्प के अंतर्गत जमा वृद्धि, कम लागत की कासा (CASA) जमा राशि बढ़ाने और बैंक की प्रत्येक शाखा को प्रॉफिट सेंटर (Profit Centre) के रूप में विकसित करने पर बल दिया गया है।तीसरे संकल्प के तहत ‘ग्राहक भगवान है और किसान हमारा अन्नदाता’ की भावना के साथ कार्य संस्कृति में पारदर्शिता, ईमानदारी और समयबद्धता अपनाने पर जोर दिया गया है। उनका मानना है कि इन संकल्पों के जरिए बैंक को एनपीए (NPA) मुक्त और शत-प्रतिशत वसूली (Recovery) वाला आदर्श संस्थान बनाया जा सकता है।


